नयी दिल्ली, 24 अक्टूबर (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने शुक्रवार को पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवा (पीएमएस) कारोबार को एक पोर्टफोलियो प्रबंधक से दूसरे पोर्टफोलियो प्रबंधक को स्थानांतरित करने के लिए एक सुव्यवस्थित प्रक्रिया शुरू की। इस कवायद का मकसद व्यापार करने की आसानी को बढ़ाना है।
नए ढांचे के तहत एक पोर्टफोलियो प्रबंधक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से पूर्व अनुमोदन प्राप्त करने के बाद ही अपने पीएमएस व्यवसाय को स्थानांतरित कर सकता है।
ऐसे मामलों में जहां स्थानांतरण एक ही समूह से संबंधित दो पोर्टफोलियो प्रबंधकों के बीच होना है और दोनों के पास वैध पीएमएस पंजीकरण है, सेबी ने कुछ शर्तों के अधीन या तो चुनिंदा निवेश को या संपूर्ण पीएमएस व्यवसाय के हस्तांतरण की अनुमति दी है।
यदि संपूर्ण पीएमएस व्यवसाय हस्तांतरित किया जाता है, तो स्थानांतरणकर्ता को स्थानांतरण पूरा होने के 45 कार्य दिवसों के भीतर अपना पीएमएस पंजीकरण प्रमाणपत्र वापस करना होगा।
सेबी ने अपने परिपत्र में कहा कि अगर केवल चयनित निवेश हस्तांतरित किए जाते हैं, तो हस्तांतरणकर्ता अपना पीएमएस पंजीकरण जारी रख सकता है।
ऐसे पोर्टफोलियो प्रबंधकों के बीच स्थानांतरण के लिए जो एक ही समूह से संबंधित नहीं हैं, स्थानांतरणकर्ता और स्थानांतरण किये जाने वाले (अंतरिती), दोनों को अनुमोदन के लिए सेबी के पास एक संयुक्त आवेदन प्रस्तुत करना होगा।
स्थानांतरणकर्ता को सभी नियामक आवश्यकताओं को पूरा करना होगा और स्थानांतरण पूरा होने के बाद वह स्थानांतरणकर्ता के सभी लंबित कार्यों, मुकदमों और दायित्वों के लिए जिम्मेदारी लेगा।
स्थानांतरण प्रक्रिया यथासंभव शीघ्रता से और सेबी की मंजूरी की तारीख से दो महीने के भीतर पूरी की जानी चाहिए। प्रक्रिया पूरी होने तक, स्थानांतरणकर्ता एक पोर्टफोलियो प्रबंधक के रूप में कार्य करना जारी रखेगा लेकिन उसे नए ग्राहकों को शामिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
भाषा राजेश राजेश पाण्डेय
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