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Wednesday, 25 March, 2026
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कर्नाटक में निवेश की मंजूरी में देरी पर मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने अधिकारियों को चेताया

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बेंगलुरु, 24 अक्टूबर (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शुक्रवार को निवेश प्रस्तावों को मंजूरी देने में देरी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी।

सिद्धरमैया ने कहा कि राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने की समयसीमा कम की जानी चाहिए।

सिद्धरमैया ने विधानसभा भवन में निवेश को आकर्षित करने के लिए हुई बैठकर में कहा, ”अधिकारी अदालत के आदेशों का बहाना बनाकर खाली न बैठें। यही आदेश पड़ोसी राज्यों के लिए भी है। अगर हम यही कहते रहेंगे कि जो दिक्कतें दूसरे राज्यों में नहीं होतीं, वे हमारे साथ हो रही हैं, तो कार्रवाई करनी पड़ेगी।”

मुख्यमंत्री कार्यलय के एक बयान के अनुसार, उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश के अनुकूल वातावरण को और मजबूत किया जाना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा, ”भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया सहित विभिन्न एनओसी जारी करने की समय सीमा घटाई जानी चाहिए। समय सीमा घटाने के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए। किसी भी स्थिति में विलंब की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।”

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अग्निशमन विभाग से अनुमोदनों में देरी को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए, सिद्धरमैया ने अनुमोदनों को तेज करने के लिए आवश्यक संशोधनों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

उन्होंने यह भी कहा कि विभागों को उद्योगों को आवश्यक बुनियादी ढांचा, जैसे सड़कें, पानी और बिजली, प्रदान करने में समन्वय करना चाहिए।

सिद्धरमैया के अनुसार, इस वर्ष के वैश्विक निवेशक सम्मेलन में राज्य ने 10.27 लाख करोड़ रुपये के निवेश आकर्षित किए, जिसमें से लगभग 60 प्रतिशत निवेश पहले ही क्रियान्वयन के चरण में हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के पूंजी निवेश प्रस्ताव विभिन्न अनुमोदन चरणों में हैं।

भाषा योगेश पाण्डेय

पाण्डेय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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