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Tuesday, 24 March, 2026
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पायलट की चिकित्सा जांच निजी मूल्यांकन केंद्रों में कराने का स्वागतः संगठन

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नयी दिल्ली, 23 अक्टूबर (भाषा) पायलट के चिकित्सकीय परीक्षण के लिए निजी वैमानिक-चिकित्सकीय मूल्यांकन केंद्रों को मान्यता देने के डीजीसीए के कदम का पायलट संगठन एएलपीए इंडिया ने स्वागत करते हुए कहा है कि इससे चिकित्सकीय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो सकेगी।

अब तक पायलट के नियमित चिकित्सकीय परीक्षण भारतीय वायुसेना के केंद्रों में होते थे। लेकिन देश में पायलटों और विमानों की सुरक्षा और संचालन से जुड़े मानकों को निर्धारित करने वाले नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने अब इसमें बदलाव करने का फैसला किया है।

नई चिकित्सकीय जांच व्यवस्था 15 नवंबर, 2025 से प्रभावी होगी। निजी क्षेत्र के आधुनिक एवं असैन्य अवसंरचना वाले चिकित्सा केंद्रों में ये परीक्षण होंगे, जिससे प्रक्रिया तेज, अधिक कुशल और वैश्विक विमानन मानदंडों के अनुरूप होगी।

एएलपीए इंडिया ने बयान में कहा कि डीजीसीए का यह फैसला सैन्य और नागरिक चिकित्सकीय मूल्यांकन प्रणालियों को अलग करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

भारतीय एयरलाइन पायलट संघ (एएलपीए इंडिया) ने कहा कि वह लंबे समय से इस बदलाव की मांग करता रहा है, क्योंकि वायुसेना केंद्रों में चिकित्सकीय परीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी, मानकीकरण की अनुपस्थिति और लॉजिस्टिक दिक्कतें आती थीं।

पायलट संगठन ने कहा, ‘‘पहले हर पांचवें चिकित्सकीय परीक्षण को अनिवार्य रूप से वायुसेना केंद्र में कराना पड़ता था। इस वजह से कई बार पायलट को अनावश्यक रूप से उड़ान भरने से अस्थायी रूप से रोक दिया जाता था, जबकि वे चिकित्सकीय रूप से पूरी तरह फिट होते थे।’’

एएलपीए इंडिया, अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन पायलट्स संघ में भारतीय पायलट सदस्यों का प्रतिनिधित्व करता है।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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