scorecardresearch
Tuesday, 24 March, 2026
होमदेशअर्थजगतसिएट के एमडी और सीईओ ने कहा, जीएसटी दरों में कटौती का लाभ आगामी तिमाहियों में दिखेगा

सिएट के एमडी और सीईओ ने कहा, जीएसटी दरों में कटौती का लाभ आगामी तिमाहियों में दिखेगा

Text Size:

नयी दिल्ली, 19 अक्टूबर (भाषा) टायर विनिर्माता कंपनी सिएट लिमिटेड को उम्मीद है कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में कमी से आने वाली तिमाहियों में संरचनात्मक रूप से सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और इससे दोपहिया वाहनों, छोटी कारों और ट्रैक्टर की मांग बढ़ेगी, खासकर ग्रामीण बाजारों में। यह बात कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अर्नब बनर्जी ने कही।

बनर्जी ने पीटीआई-भाषा से ककहा कि दूसरी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन के बाद, तीसरी तिमाही में राजस्व समान या थोड़ा कम हो सकता है। हालांकि, इसे थोड़ा सुस्ती का समय माना जाता है।

बनर्जी ने कहा, ‘‘जीएसटी 2.0 (दूसरी) तिमाही के अंत में लागू हुआ, इसलिए इसका असर अगली तिमाहियों में भी दिखेगा। हम इस विकास को लेकर सकारात्मक हैं, जिससे छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में दोपहिया वाहनों, छोटी कारों की मांग में वृद्धि होगी, और कुछ हद तक शहरों में भी मांग बढ़ेगी।

उनसे पूछा गया था कि जीएसटी 2.0 ने टायर की मांग और समग्र वृद्धि को कैसे प्रभावित किया है।

बनर्जी ने कहा, ‘‘एक संरचनात्मक परिवर्तन’’ होने के नाते, जीएसटी दर में कमी आगे बढ़ने के साथ मांग पर संरचनात्मक रूप से प्रभाव डालेगी’ और मांग में अचानक कोई उछाल नहीं आएगा।

तीसरी तिमाही के बारे में पूछे जाने पर, बनर्जी ने कहा, ‘‘यह तिमाही वास्तव में थोड़ी सुस्ती वाली रहती है, क्योंकि दिसंबर में ठंड रहती है और उत्तर और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में मांग में कमी आती है। हमारा मजबूत सीजन अप्रैल, मई और जून है, जो गर्मी का मौसम है।’’

उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन का टायर उद्योग पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है, लेकिन ‘समय के साथ जीएसटी में कमी से मांग में सुधार होना चाहिए।’

उन्होंने कहा कि वाहन विनिर्माताओं (ओईएम) को आपूर्ति में वृद्धि होनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि यात्री कारों जैसे क्षेत्रों में, जिनमें वृद्धि नहीं हुई है, ‘परिदृश्य बदल गया है’ और मध्यम और भारी वाणिज्यिक वाहनों में भी फिर से वृद्धि देखी जा रही है।

30 सितंबर, 2025 को समाप्त दूसरी तिमाही में, सिएट ने पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के 121 करोड़ रुपये के मुकाबले एकीकृत शुद्ध लाभ में 54 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की और यह 121 करोड़ रुपये से बढ़कर186 करोड़ रुपये हो गया। इस अवधि में कंपनी का परिचालन राजस्व एक साल पहले की समान अवधि के 3,304 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,773 करोड़ रुपये हो गया।

बनर्जी ने बताया कि मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति और अमेरिकी शुल्क के कारण अनिश्चितताएं भविष्य के लिए चिंता का विषय हैं।

भाषा अजय अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments