नयी दिल्ली, 11 अक्टूबर (भाषा) दूरसंचार विभाग के सचिव नीरज मित्तल ने शनिवार को कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) दूरसंचार नेटवर्क को अपने आप ठीक करने में सहायक होगी और ग्राहक सेवाओं में सुधार लाएगी।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2025 में मित्तल ने कहा कि सरकार तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया के साथ तालमेल बनाए रखने और आईटीयू (अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ) के साथ मिलकर एक संगठित प्रतिक्रिया देने की कोशिश कर रही है, ताकि यह देखा जा सके कि एआई और दूरसंचार विकास को कैसे सकारात्मक रूप से समन्वित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा, ‘जैसे-जैसे हम 5जी से 6जी की तरफ बढ़ रहे हैं, कृत्रिम मेधा (एआई) का बहुत बड़ा काम होगा। यह नेटवर्क में बुद्धिमता को बेहतर बनाएगी, अपने आप ठीक होने में मदद करेगी, और एआई के पुराने तरीके से नए और बेहतर तरीके पर ले जाएगी। नेटवर्क के हर हिस्से में एआई कई काम खुद करेगी और इससे ग्राहक सेवा भी बेहतर होगी।’
दूरसंचार उद्योग के जानकारों के अनुसार, 6जी परीक्षण के 2028 में शुरू होने की उम्मीद है और इसका व्यावसायिक उपयोग शुरू होने में कुछ और समय लगेगा।
मित्तल ने कहा कि जहां एआई का उपयोग अच्छे कामों के लिए हो रहा है, वहीं इसके गलत इस्तेमाल का भी खतरा है। इसलिए, तकनीक के सही उपयोग के लिए सतर्क रहना जरूरी है।
भाषा योगेश पाण्डेय
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