(फाइल तस्वीर के साथ)
नयी दिल्ली, 10 अक्टूबर (भाषा) अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने शुक्रवार को कहा कि भारत को सिनेमा, कहानी और उभरती प्रौद्योगिकियों के जरिये वैश्विक स्तर पर अपनी कहानी खुद पेश करने की जरूरत है।
उन्होंने शिक्षण संस्थान ‘व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल’ में छात्रों और फिल्म-निर्माण पेशेवरों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर भारत ऐसा नहीं करता है तो विदेशी दृष्टिकोण से ही देश की छवि तय होगी।
अदाणी ने कहा, “अगर हम यह नहीं बताते कि हम कौन हैं, तो दूसरे लोग तय करेंगे कि हम कौन थे। मौन विनम्रता नहीं, बल्कि आत्मसमर्पण है।”
उन्होंने ‘गांधी’ और ‘स्लमडॉग मिलिनेयर’ जैसी फिल्मों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत की कहानियां अक्सर पश्चिमी नजरिये से सुनाई गई हैं।
उन्होंने 2023 में अपने समूह के खिलाफ आई हिंडनबर्ग रिपोर्ट का भी जिक्र किया जिसके बाद अदाणी समूह के बाजार मूल्य में 100 अरब डॉलर से अधिक की गिरावट आ गई थी।
अदाणी ने इसे अदाणी समूह के खिलाफ ‘संगठित हमला’ करार देते हुए कहा कि यह अनुभव दिखाता है कि आज कहानियों की शक्ति बाजार एवं धारणा को वास्तविकता से कहीं अधिक तेजी से प्रभावित करती है।
अदाणी ने टॉप गन, इंडिपेंडेस डे और अपोलो-13 जैसी अमेरिकी फिल्मों का उदाहरण देते हुए कहा कि ये केवल मनोरंजन नहीं बल्कि राष्ट्रीय पहचान एवं शक्ति का वैश्विक प्रचार हैं।
उन्होंने कहा कि भारत को भी अपने कथानक को असली, उद्देश्यपूर्ण और सशक्त तरीके से पेश करना चाहिए।
भविष्य में एआई की भूमिका पर बात करते हुए अदाणी ने कहा कि यह सिनेमा को बदल देगा, वास्तविक समय में कहानी की पेशकश, कई भाषाओं में प्रदर्शन और व्यक्तिगत कंटेंट की सुविधा मिल पाएगी।
उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे इन तकनीकों का उपयोग करके भारत की कहानी अपनी शर्तों पर और सच्चाई के साथ पेश करें।
अदाणी ने कहा, “अगर हम अपने बारे में नहीं बताएंगे तो दूसरे हमारे बारे में बताएंगे। आपकी पीढ़ी ही भारत को उसकी आवाज़, गीत और कहानियां वापस लौटाएगी।”
भाषा प्रेम प्रेम रमण
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