नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर (भाषा) प्रमुख फसल विज्ञान कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था, क्रॉपलाइफ इंडिया ने बृहस्पतिवार को कहा कि क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन के प्रबंध निदेशक अंकुर अग्रवाल को फिर से संगठन का चेयरमैन चुना गया है।
बायर क्रॉपसाइंस के मोहन बाबू दूसरे वर्ष भी वाइस चेयरमैन बने रहेंगे।
एसोसिएशन ने बयान में कहा कि रैलिस इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ज्ञानेंद्र शुक्ला को बोर्ड के दूसरे वाइस चेयरमैन के रूप में शामिल किया गया है।
क्रॉपलाइफ इंडिया की सदस्य कंपनियां सामूहिक रूप से उद्योग के 70 प्रतिशत से अधिक कारोबार में योगदान करती हैं और दुनिया के अग्रणी अणुओं और रसायनों के 95 प्रतिशत से अधिक का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिनका निर्यात लगभग 40,000 करोड़ रुपये का है।
अग्रवाल ने कहा कि भारत में कीटों और बीमारियों के कारण सालाना लगभग दो लाख करोड़ रुपये की फसल का नुकसान होता है, जबकि कीटनाशकों का उपयोग दुनिया भर में सबसे कम यानी केवल 400 ग्राम प्रति हेक्टेयर है, जबकि वैश्विक औसत 8,000 ग्राम प्रति हेक्टेयर है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह स्पष्ट रूप से भारतीय किसानों की दक्षता, सटीकता और जिम्मेदारी को दर्शाता है।’’
अग्रवाल ने कहा कि नवाचार, प्रबंधन और एकीकृत कीट प्रबंधन पर निरंतर ध्यान केंद्रित करके, उद्योग फसल के नुकसान को काफी कम कर सकता है, किसानों की आय बढ़ा सकता है और भारत को एक हजार अरब डॉलर की कृषि अर्थव्यवस्था की ओर तेज़ी से बढ़ा सकता है।
भाषा राजेश राजेश अजय
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