नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर (भाषा) स्थानीय बाजार में बृहस्पतिवार को लागत से कम दाम पर बिकवाली के बीच सोयाबीन डीगम तेल के दाम में गिरावट दर्ज की गई जबकि अच्छी गुणवत्ता वाले मूंगफली की मांग बढ़ने से मूंगफली तेल-तिलहन और कम दाम पर किसानों की बिकवाली कमजोर रहने से सोयाबीन तिलहन के दाम में सुधार आया। बाकी तेल-तिलहनों के दाम पूर्वस्तर पर स्थिर बने रहे।
मलेशिया एक्सचेंज दोपहर 3.30 बजे एक प्रतिशत से अधिक मजबूत बंद हुआ। जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में कल रात मजबूती थी और फिलहाल यहां मामूली सुधार है।
बाजार सूत्रों ने बताया कि जाड़े के मौसम में अच्छी गुणवत्ता वाले मूंगफली की सीधा खाने की भी मांग रहती है और इसकी कुछ त्योहारी मांग भी निकलने से मूंगफली तेल-तिलहन कीमतों में सुधार आया। वहीं किसानों की ओर से नीचे दाम पर बिकवाली घटाने से सोयाबीन तिलहन के दाम भी सुधार के साथ बंद हुए।
उन्होंने कहा कि दूसरी ओर, आयातक अपने पुराने बैंक कर्ज को लौटाने के लिए बंदरगाहों पर ही सोयाबीन डीगम तेल को आयात की लागत से 3-4 प्रतिशत नीचे दाम पर बेच दे रहे हैं। उनकी वित्तीय स्थिति बेहद कमजोर होने से वह अपने सौदों के लिए मुनाफा कमाने का इंतजार करने की स्थिति में नहीं हैं और वे तत्काल नीचे दाम पर डीगम तेल को बेचकर बैंकों के कर्ज का भुगतान करते हैं ताकि उनके बैंकों के ‘लेटर ऑफ क्रेडिट’ प्रचलन में बने रहें। अपनी जरुरतों के लिए आयात पर निर्भर इस देश में खाद्य तेल लागत से नीचे दाम पर बिके, यह अपने आप में आश्चर्य की बात है और इसकी चिंता की जानी चाहिये। समीक्षकों और तेल विशेषज्ञों को इस बात की ओर भी विचार करना बनता है।
सामान्य और सुस्त कामकाज के बीच सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन दिल्ली एवं इंदौर तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल के दाम स्थिर बने रहे।
सूत्रों ने कहा कि सट्टेबाजी के बीच मलेशिया में सीपीओ के दाम ऊंचे बोले जा रहे हैं। दो तीन दिन पहले जिस सीपीओ का दाम लगभग 1,150 डॉलर प्रति टन था, वह अब बढ़कर 1,180-1,185 डॉलर प्रति टन हो गया है।
उन्होंने कहा कि वहां के प्रवक्ता अपने खाद्य तेलों को ऊंचा बेचने के लिए हरेक उपाय करते नजर आते हैं। वैसे सीपीओ, पामोलीन के भाव आज स्थिर हैं पर आागे जाकर इन तेलों में उतार-चढ़ाव हो तो आश्चर्य नहीं होना चाहिये। ध्यान रहे कि देश पाम-पामोलीन का सबसे बड़ा उपभोक्ता है और आयातित तेलों में सबसे अधिक पाम-पामोलीन का ही आयात होता है।
तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन – 7,075-7,125 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली – 5,575-5,950 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 13,550 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल – 2,225-2,525 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 14,750 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,485-2,585 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,485-2,620 रुपये प्रति टिन।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,550 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,200 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 10,300 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 11,875 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,650 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,500 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 12,550 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना – 4,425-4,475 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 4,125-4,225 रुपये प्रति क्विंटल।
भाषा राजेश राजेश अजय
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