नयी दिल्ली, छह अक्टूबर (भाषा) नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने सोमवार को भरोसा जताया कि भारत और अमेरिका के बीच जल्द ही एक व्यापार समझौता हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि दोनों देश पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सुब्रह्मण्यम ने यह भी कहा कि भारत को शुल्क और गैर-शुल्क बाधाओं को कम करना चाहिए और विनिर्माण क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाने के लिए अपने बाजारों को खोलना चाहिए।
उन्होंने यहां तिमाही आधार पर व्यापार विश्लेषण पर जारी रिपोर्ट (ट्रेड वॉच क्वार्टरली) जारी करते हुए संवाददाताओं से कहा, ”अच्छी बात यह है कि दोनों पक्ष अभी भी एक व्यापार समझौते के लिए प्रतिबद्ध हैं। पिछले महीने बातचीत हुई थी, इसलिए मुझे लगता है कि दोनों पक्षों को उम्मीद है।’’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अगस्त में भारतीय वस्तुओं पर शुल्क को दोगुना करके 50 प्रतिशत कर दिया था। इसमें भारत के रूस से कच्चे तेल खरीदने के कारण लगाया गया 25 प्रतिशत का दंडात्मक शुल्क शामिल है। इसके बाद नयी दिल्ली और वाशिंगटन के बीच संबंधों में तनाव आ गया।
भारत ने अमेरिकी कार्रवाई को अनुचित और अविवेकपूर्ण बताया था।
सुब्रह्मण्यम ने कहा कि अमेरिकी शुल्क का क्रिसमस तक कोई विशेष प्रभाव नहीं होगा, हालांकि अगर दोनों देश व्यापार समझौते पर सहमत नहीं होते हैं, तो उसके बाद एक समस्या देखने को मिलेगी।
उन्होंने कहा, ”हम नुकसान में हैं…। 50 प्रतिशत शुल्क से कीमत बहुत बढ़ जाती है… इससे कोई बच नहीं सकता। लोगों को उम्मीद है कि अगर नवंबर तक व्यापार समझौता हो जाता है, तो कोई व्यवधान नहीं होगा।”
सुब्रह्मण्यम ने कहा कि भारत का व्यापार घाटा प्रबंधनीय है, लेकिन असंतुलित है।
भाषा पाण्डेय रमण
रमण
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
