मुंबई, तीन अक्टूबर (भाषा) व्यापार को सरल बनाने और दक्षता बढ़ाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार को आयात और निर्यात लेनदेन के लिए पारंपरिक स्टाम्प पेपर बॉन्ड के स्थान पर एक नई ‘ई-बॉन्ड’ प्रणाली शुरू की।
राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने एक बयान में कहा कि ई-बॉन्ड प्रणाली को अपनाने के साथ महाराष्ट्र ऐसा करने वाला देश का 16वां राज्य बन गया है।
उन्होंने कहा कि इस निर्णय से प्रक्रियाएं सरल होंगी और व्यापार संचालन में तेजी आएगी, जो राज्य की अर्थव्यवस्था के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मंत्री ने कहा, ”इस समय, आयात-निर्यात के लिए हर महीने 3,000 से 4,000 बॉन्ड जारी किए जाते हैं, जो सालाना 40,000 से ज्यादा होते हैं। ई-बॉन्ड की शुरुआत एक बड़ा बदलाव लाएगी। हालांकि यह कदम छोटा लग सकता है, लेकिन यह महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है।”
ई-बॉन्ड प्रणाली से व्यापार बॉन्ड लेना तेज और सरल हो जाएगा, 500 रुपये के स्टाम्प पेपर की जरूरत खत्म हो जाएगी, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ेगी।
मंत्री के अनुसार, इससे राजस्व चोरी को रोकने और राज्य के राजस्व को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
भाषा पाण्डेय रमण
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