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Wednesday, 1 April, 2026
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पाकिस्तान में साल की तीसरी तिमाही में हिंसा में 46 फीसदी वृद्धि हुई : रिपोर्ट

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(सज्जाद हुसैन)

इस्लामाबाद, दो अक्टूबर (भाषा) पाकिस्तान के लगातार आतंकवाद से जूझने के दौरान 2025 की तीसरी तिमाही में हिंसा में कुल 46 प्रतिशत वृद्धि हुई, जिसमें खैबर पख्तूनख्वा प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र रहा। मीडिया में बृहस्पतिवार को आई खबर में यह जानकारी दी गई।

‘द न्यूज’ ने ‘सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज’ (सीआरएसएस) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के हवाले से खबर दी है कि पाकिस्तान में आतंकी हमलों और आतंकवाद रोधी अभियानों समेत हिंसा की 329 घटनाओं में कम से कम 901 लोगों की जान गई है और 599 लोग घायल हुए हैं जिनमें सुरक्षा कर्मी, आम नागरिक और आतंकवादी शामिल हैं।

यह रिपोर्ट ऐसे वक्त आई है जब क्वेटा के फ्रंटियर कोर (एफसी) मुख्यालय के पास मंगलवार को हुए एक आत्मघाती हमले में कम से कम 11 लोग मारे गए। एक दिन पहले, सुरक्षा बलों ने दो खुफिया सूचनाओं पर आधारित अभियानों (आईबीओ) में 13 आतंकवादियों को मार गिराया था।

सीआरएसएस की रिपोर्ट में बताया गया है कि तीसरी तिमाही तक, यह वर्ष पिछले साल के समान ही घातक साबित हुआ है। इस साल अबतक 2,414 मौतें दर्ज की गई हैं, जबकि 2024 में 2,546 मौतें दर्ज की गई थीं।

तीसरी तिमाही में हुई कुल 901 मौतों में से 516 (57 प्रतिशत) आतंकवादियों की थीं, जबकि 385 नागरिक और सैन्यकर्मी मारे गए। इनमें से 219 नागरिक (24 प्रतिशत) मारे गए, जबकि 166 (18 प्रतिशत) सुरक्षाकर्मी मारे गए।

अफगानिस्तान के साथ सीमा साझा करने वाले खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांत आतंकवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। देश भर में हुई आतंकी घटनाओं में से 96 फीसदी इन्हीं दो प्रांतों में हुई हैं।

खैबर पख्तूनख्वा सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र रहा, जहां हिंसा से जुड़ी लगभग 71 प्रतिशत (638) मौतें हुईं और 67 प्रतिशत (221) घटनाएं हुईं। इसके बाद बलूचिस्तान का स्थान रहा, जहां 25 प्रतिशत से अधिक (230) मौतें और 85 घटनाएं दर्ज की गईं।

भाषा नोमान सुभाष

सुभाष

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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