मुंबई, 30 सितंबर (भाषा) उद्योग जगत को बैंकों से दिए जाने वाले कर्ज में वृद्धि अगस्त में घटकर 6.5 प्रतिशत रही जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 9.7 प्रतिशत थी। मंगलवार को जारी रिजर्व बैंक के आंकड़ों से यह जानकारी मिली।
केंद्रीय बैंक ने 41 अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) से एकत्रित अगस्त 2025 के लिए बैंक ऋण के क्षेत्रवार आवंटन के आंकड़े जारी किए हैं। यह सभी एससीबी द्वारा दिए गए कुल गैर-खाद्य ऋण का लगभग 95 प्रतिशत है।
आरबीआई ने कहा कि सालाना आधार पर 22 अगस्त, 2025 को समाप्त पखवाड़े तक गैर-खाद्य बैंक ऋण में 9.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि एक वर्ष पहले इसी अवधि में यह 13.6 प्रतिशत थी।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को दिए जाने वाले ऋण में लगातार तेज वृद्धि जारी रही।
आरबीआई ने कहा, ‘‘प्रमुख उद्योगों में, ‘इंजीनियरिंग’, ‘वाहन, वाहन के पुर्जे एवं परिवहन उपकरण’ और ‘रबर, प्लास्टिक एवं उनके उत्पादों’ को दिए जाने वाले ऋण में सालाना आधार पर उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।’’
इसके अलावा कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए ऋण में 7.6 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हुई, जबकि पिछले वर्ष इसी पखवाड़े में यह 17.7 प्रतिशत थी।
आंकड़ों के मुताबिक, व्यक्तिगत ऋण खंड में कर्ज में सालाना आधार पर 11.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि एक वर्ष पहले यह 13.9 प्रतिशत थी। इसका मुख्य कारण ‘अन्य व्यक्तिगत ऋण’, ‘वाहन ऋण’ और ‘क्रेडिट कार्ड बकाया’ की वृद्धि में नरमी है।
इसमें यह भी कहा गया है कि सेवा क्षेत्र को दिए गए ऋण में सालाना आधार पर 10.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई जबकि पिछले वर्ष इसी पखवाड़े में यह 13.9 प्रतिशत थी।
गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को दिए गए ऋण में वृद्धि धीमी रही, जबकि ‘पेशेवर सेवाओं’, ‘कंप्यूटर सॉफ्टवेयर’, ‘वाणिज्यिक अचल संपत्ति’ और ‘व्यापार’ जैसे क्षेत्रों में यह मजबूत बनी रही।
भाषा रमण प्रेम
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