नयी दिल्ली, तीस सितंबर (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि भारत क्षमताओं और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं का निर्माण करके आत्मनिर्भरता पर ध्यान दे रहा है जिससे व्यापार का हथियार के रूप में इस्तेमाल करने जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बड़े लक्ष्यों को प्राप्त करने और भारत के हितों की रक्षा के लिए आत्मविश्वास पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
गोयल ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘नई भू-राजनीतिक और भू-आर्थिक व्यवस्था में भारत आत्मनिर्भरता के तीन प्रमुख सिद्धांतों- क्षमता, आपूर्ति श्रृंखला और मूल्य श्रृंखला पर काम कर रहा है। ये चीजें हमें यह पूर्ण आश्वासन दे सकती हैं कि हम पर व्यापार को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने का कोई असर नहीं होगा और हम हमेशा अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्व पूरा करने की स्थिति में रहेंगे।’’
उन्होंने नवंबर में विशाखापत्तनम में होने वाले सीआईआई भागीदारी शिखर सम्मेलन के बारे में जानकारी देने के लिए आयोजित कार्यक्रम में यह बात कही।
अमेरिका की तरफ से भारत एवं कई अन्य देशों पर भारी शुल्क लगाए जाने के कारण वैश्विक व्यापार बाधित हुआ है। इस लिहाज से गोयल की यह टिप्पणी महत्वपूर्ण है।
अमेरिका ने 27 अगस्त से भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत का भारी शुल्क लगा दिया है।
वाणिज्य मंत्री ने यह भी कहा कि ऐसे समय में जब वैश्विक व्यापार मोर्चे पर उथल-पुथल और अस्थिरता है, भारत काफी अवसर प्रदान करता है।
इस कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि राज्य निवेश आकर्षित करने के लिए कई कदम उठा रहा है।
उन्होंने निवेशकों को दो-दिवसीय शिखर सम्मेलन में भाग लेने और राज्य में निवेश के अवसरों का पता लगाने के लिए आमंत्रित किया।
नायडू ने कहा कि आंध्र प्रदेश अंतरिक्ष, इलेक्ट्रॉनिक्स, ड्रोन और वैमानिकी शहरों पर काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि अगले साल जनवरी तक अमरावती में पहली ‘क्वांटम वैली’ की शुरुआत होगी। उन्होंने यह भी बताया कि गूगल विशाखापत्तनम में दुनिया का अपना सबसे अच्छा डेटा सेंटर स्थापित कर रही है।
भाषा रमण प्रेम
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