कोलंबो, 28 सितंबर (भाषा) श्रीलंका में केबल कार दुर्घटना में जान गंवाने वाले सात लोगों में शामिल एक भारतीय भिक्षु का शव रविवार को भारत भेज दिया गया। अधिकारियों ने यहां यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि बुधवार रात को हुए इस हादसे में घायल हुए छह भिक्षुओं में से एक और के दम तोड़ने से मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है।
श्रीलंका की राजधानी कोलंबो से लगभग 125 किमी दूर निकावेरटिया स्थित प्रसिद्ध बौद्ध मठ ‘ना उयाना अरण्य सेनासनाया’ में केबल के जरिये संचालित एक रेल कार के दुर्घटनाग्रस्त होने से सात बौद्ध भिक्षुओं की मौत हो गई, जिनमें एक भारतीय नागरिक है। इस हादसे में छह अन्य लोग भी घायल हो गए हैं।
भारतीय उच्चायोग ने यहां कहा, ‘‘भारतीय भिक्षु का शव भारत के महाराष्ट्र में उनके रिश्तेदारों के पास भेज दिया गया है।’’
भारतीय भिक्षु के रिश्तेदार ने बताया कि वर्धा जिले के मूल निवासी 34 वर्षीय धम्म गवेसी का पार्थिव शरीर मुंबई भेज दिया गया है।
इस बीच, शनिवार को पांच भिक्षुओं का अंतिम संस्कार किया गया।
श्रीलंका के अधिकारियों ने कहा, ‘‘गंभीर रूप से घायल और अस्पताल में भर्ती छह भिक्षुओं में से एक की कल रात मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई।’’
उन्होंने बताया कि मृतकों में एक भारतीय के अलावा रोमानिया और रूस के भी एक-एक नागरिक शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि मामले में अब तक की जांच से पता चला कि केबल के टूटने के कारण केबल कार तेज़ गति से पहाड़ी से नीचे गिर गई। हादसे के दौरान कार एक पेड़ से टकराई, जिससे उसमें सवार बौद्ध भिक्षु बाहर गिर गए।
उन्होंने बताया कि जांच से पता चला कि कम से कम 13 भिक्षु एक छोटे से ‘कैरियर’ में सवार होकर पहाड़ी की चोटी पर स्थित मठ में ध्यान के लिए जा रहे थे, लेकिन यह कैरियर इतना वजन झेल पाने में असमर्थ था।
भाषा प्रीति संतोष
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