न्यूयॉर्क, 27 सितंबर (भाषा) भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका ने गाजा पर जारी इजराइली हमलों की कड़ी निंदा की है और ‘‘कब्जे वाले’’ फलीस्तीनी क्षेत्र की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर आयोजित त्रिपक्षीय समूह ‘आईबीएसए’ (भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका) की बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा। इसमें विदेश मंत्री एस. जयशंकर, ब्राजील के विदेश मंत्री मौरो विएरा और दक्षिण अफ्रीका के मंत्री सिंडीसिवे चिकुंगा ने भाग लिया।
आईबीएसए ने गाजा पर जारी इजराइली हमलों की कड़ी निंदा ऐसे समय में की गई है जब हाल में कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने फलस्तीनी राष्ट्र को औपचारिक रूप से मान्यता दे दी है।
त्रिपक्षीय समूह ने ‘‘भुखमरी को युद्ध के एक तरीके के रूप में इस्तेमाल करने’’ की विशेष रूप से निंदा की और स्थायी युद्धविराम के अपने आह्वान को दोहराया, जिसके परिणामस्वरूप इजराइली हमले बंद हों, इजराइली सैनिकों की गाजा पट्टी से पूरी तरह वापसी हो और साथ ही हमास द्वारा शेष बंधकों की रिहाई भी की जाए।
आईबीएसए ने एक बयान में कहा, ‘‘मंत्रियों ने कब्जे वाले फलस्तीनी क्षेत्र की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की और गाजा पर इजराइली हमलों की कड़ी निंदा की, जो लगभग दो साल बाद भी उस क्षेत्र की नागरिक आबादी को अभूतपूर्व कष्ट दे रहे हैं।’’
इसमें कहा गया है कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून, विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का पालन करने का भी आह्वान किया।
भाषा शफीक रंजन
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