नयी दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा) डेक्कन गोल्ड माइन्स लिमिटेड के एक शीर्ष अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कहा कि आंध्र प्रदेश में भारत की पहली बड़ी निजी सोने की खान जल्द ही पूर्ण पैमाने पर उत्पादन शुरू कर देगी।
यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत वर्तमान में हर साल लगभग 1,000 टन सोना आयात करता है। तेल के बाद भारत सोने का सबसे बड़ा आयातक है।
डेक्कन गोल्ड माइंस लिमिटेड (डीजीएमएल), जो बीएसई में सूचीबद्ध पहली और एकमात्र स्वर्ण अन्वेषण कंपनी है, की जियोमाइसोर सर्विसेज इंडिया लिमिटेड में हिस्सेदारी है, जो आंध्र प्रदेश के जोनागिरी में निजी क्षेत्र की पहली स्वर्ण खदान विकसित कर रही है।
उन्होंने कहा कि जोनागिरी स्वर्ण परियोजना को जून और जुलाई के महीनों में पर्यावरण मंजूरी मिल गई है और राज्य सरकारों से भी मंजूरी मांगी गई है।
डेक्कन गोल्ड माइंस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक हनुमा प्रसाद ने सीआईआई इंडिया माइनिंग समिट 2025 के अवसर पर कहा, ‘‘परियोजना का स्थिरीकरण जारी है… अभी केवल संयंत्र की तकनीक पर काम चल रहा है… पूर्ण पैमाने पर उत्पादन बहुत जल्द शुरू होगा।’’
उन्होंने कहा कि पूर्ण पैमाने पर उत्पादन शुरू होने के बाद, इस परियोजना से प्रति वर्ष लगभग 750 किलोग्राम सोने का उत्पादन होने की उम्मीद है। उन्होंने आगे कहा कि दो से तीन वर्षों के भीतर इसे बढ़ाकर 1,000 टन कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया, ‘‘आज भारत में सोने का उत्पादन 1.5 टन है… हमारी खदान शुरू होने के बाद, लगभग एक टन और उत्पादन बढ़ जाएगा।’’
यह सोने की खदान आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में तुग्गली मंडलम के अंतर्गत जोन्नागिरी, एर्रागुडी और पगादिरायी गांवों के पास स्थित है।
डीजीएमएल की स्थापना वर्ष 2003 में अन्वेषण और खनन क्षेत्र में गहरी पैठ रखने वाले प्रवर्तकों द्वारा की गई थी। डीजीएमएल भारत और विदेशों में सोने की अन्वेषण गतिविधियों में शामिल रहा है।
कंपनी की खनन परिसंपत्तियां भारतीय प्रायद्वीप, किर्गिस्तान, फिनलैंड और तंजानिया में फैली हुई हैं।
भाषा राजेश राजेश अजय
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