ईटानगर, 13 सितंबर (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री चोवना मीन ने शनिवार को राज्य की कृषि और बागवानी नीति (2025-2035) का अनावरण किया, जिसका उद्देश्य राज्य में कृषि रूपांतरण को गति देना और किसानों की समृद्धि सुनिश्चित करना है।
उपमुख्यमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘‘अपनी नई कृषि और बागवानी नीति के साथ, हम किसानों को सशक्त बना रहे हैं, उत्पादन बढ़ा रहे हैं और अरुणाचल को सतत विकास में अग्रणी बना रहे हैं।’’
मीन ने इस बात पर ज़ोर दिया कि अरुणाचल भारत का अग्रणी जैविक कीवी उत्पादक राज्य बनकर उभरा है और संतरे और इलायची की खेती में इसका प्रमुख योगदान है।
उन्होंने कहा कि राज्य ने रोइंग और रुक्सिन में पाम तेल मिलों की स्थापना की है।
मीन ने कहा, ‘‘हम अपनी कृषि अर्थव्यवस्था में बदलाव लाने और अरुणाचल प्रदेश के हर किसान तक समृद्धि पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में सालाना 5.2 लाख टन खाद्यान्न का उत्पादन होता है। पिछले नौ वर्षों में 20,900 हेक्टेयर से ज्यादा कृषि भूमि का विस्तार हुआ है, जिससे इस सीमांत राज्य के कृषि आधार में काफी वृद्धि हुई है।
भाषा राजेश राजेश पाण्डेय
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