नयी दिल्ली, 13 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार को उम्मीद है कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद 2030 तक राज्य का निर्यात दोगुना होकर 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगा।
उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने हाल ही में उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025-30 को मंजूरी दी है, जो राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में महत्वपूर्ण योगदान देते हुए इस महत्वाकांक्षा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास और निर्यात प्रोत्साहन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि इस नीति में कई अनूठी पहल शामिल हैं, जैसे सेवा क्षेत्र के निर्यात और स्टार्टअप के लिए प्रोत्साहन, निर्यात के लिए ओडीओपी (एक जिला, एक उत्पाद) सामान, व्यापार सुविधा केंद्र, विपणन और माल ढुलाई सहायता, जो राज्य की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय बदलाव लाने और युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने में मदद करेगी।
मंत्री ने कहा कि नीति का विस्तार किया गया है ताकि इसमें निर्यात प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन, और डाकघर निर्यात केंद्रों तथा निर्यात ऋण बीमा के लिए समर्थन शामिल हो सके।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा, ईसीजीसी (निर्यात ऋण गारंटी निगम) कवरेज पर होने वाले खर्चों और प्रदर्शन-संबंधी प्रोत्साहनों के लिए अनुदान भी शामिल किया गया है, जो न केवल नए निर्यातकों और स्टार्टअप को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि 2030 तक राज्य के निर्यात को दोगुना करने में भी मदद करेगा।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत का पहला राज्य है, जिसने विशेष रूप से सेवा क्षेत्र के निर्यातकों के लिए प्रोत्साहन की पेशकश की है।
भाषा योगेश पाण्डेय
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