नयी दिल्ली, आठ सितंबर (भाषा) देश की शीर्ष कृषि अनुसंधान इकाई के प्रमुख ने कहा है कि वैश्विक कृषि-खाद्य प्रणालियों के समक्ष मौजूद जटिल चुनौतियों से निपटने के लिए छोटे किसानों पर केंद्रित समाधान विकसित करने की जरूरत है।
कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डीएआरई) के सचिव और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक मांगी लाल जाट ने यहां आयोजित ‘डायलॉगनेक्स्ट’ सम्मेलन में यह बात कही। यह दो-दिवसीय सम्मेलन आठ से नौ सितंबर तक आईसीएआर कन्वेंशन सेंटर, पूसा परिसर में आयोजित हो रहा है।
जाट ने अपने वक्तव्य में कहा, ‘‘इस दिशा में खोज से लेकर आपूर्ति तक अत्याधुनिक विज्ञान, नवाचारों और साझेदारियों में अधिक निवेश करने की जरूरत है। भारत में कृषि परिवर्तन अपेक्षाकृत तेज गति से होने की वजह से देश वैश्विक दक्षिण के लिए छोटे किसानों की कृषि नवाचार का केंद्र बन सकता है।’’
‘डायलॉगनेक्स्ट’ सम्मेलन का आयोजन वर्ल्ड फूड प्राइज फाउंडेशन ने अंतरराष्ट्रीय मक्का एवं गेहूं सुधार केंद्र (सीआईएमएमवाईटी), बोरलॉग इंस्टिट्यूट फॉर साउथ एशिया (बीआईएसए) और आईसीएआर के साथ मिलकर किया है।
इस सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया गया है कि रूपांतरकारी कृषि समाधान जल्द से जल्द वैश्विक दक्षिण के किसानों तक पहुंचने चाहिए।
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