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Tuesday, 10 March, 2026
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डीजीसीए ने विमानन कंपनियों के लिए थकान प्रबंधन प्रणाली के दिशानिर्देशों का मसौदा जारी किया

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मुंबई, तीन सितंबर (भाषा) विमानन सुरक्षा नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने विमानन कंपनियों के लिए एक थकान जोखिम प्रबंधन प्रणाली (एफआरएमएस) के दिशानिर्देशों का मसौदा जारी किया है।

प्रस्तावित ढांचा मौजूदा उड़ान ड्यूटी समय सीमा मानदंडों का पूरक बनेगा।

विमानन कर्मचारियों में थकान को लेकर विभिन्न हलकों में बढ़ती चिंताओं के बीच, डीजीसीए पहले ही पायलट के लिए संशोधित एफडीटीएल मानदंड लागू कर चुका है, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से क्रियान्वित किया जा रहा है।

डीजीसीए ने ‘अनुसूचित हवाई परिवहन संचालन में उड़ान दल के सदस्यों के लिए थकान जोखिम प्रबंधन प्रणाली का कार्यान्वयन’ शीर्षक से एक मसौदा परामर्श जारी किया है।

डीजीसीए ने कहा कि यह परिपत्र थकान जोखिम प्रबंधन प्रणाली की अनुमोदन प्रक्रियाओं, कार्यान्वयन की आवश्यकताओं और निरीक्षण प्रणालियों पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान करता है।

इसका उद्देश्य वैज्ञानिक और डेटा-आधारित थकान प्रबंधन दृष्टिकोणों के माध्यम से उड़ान सुरक्षा को बढ़ाना है, जो मौजूदा उड़ान ड्यूटी समयसीमा नियमों का पूरक होगा।

डीजीसीए ने कहा कि थकान जोखिम प्रबंधन प्रणाली में वैज्ञानिक सिद्धांतों के आधार पर अधिकतम उड़ान समय, उड़ान ड्यूटी अवधि और ड्यूटी अवधि की सीमाएं होनी चाहिए, साथ ही पर्याप्त रिकवरी सुनिश्चित करने के लिए न्यूनतम विश्राम की आवश्यकताएं और सुरक्षा परिणामों को ट्रैक करने के लिए प्रदर्शन निगरानी प्रणाली जैसे तत्व भी शामिल होने चाहिए।

डीजीसीए ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि एफआरएमएस लागू करने के लिए चरणबद्ध तरीका अपनाया जाएगा, जिसमें 12 महीने की छूट अवधि दी जाएगी ताकि विमानन कंपनियां नए नियमों के अनुसार खुद को ढाल सकें।

भाषा

योगेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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