मुंबई, दो सितंबर (भाषा) अप्रैल-जून तिमाही में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने आवास ऋण बाजार हिस्सेदारी में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की। ऋण सूचना कंपनी क्रिफ हाई मार्क ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
इसकी रिपोर्ट में कहा गया कि कुल गृह ऋण बकाया में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) की हिस्सेदारी जून, 2025 में बढ़कर 46.2 प्रतिशत हो गई, जो एक साल पहले इसी महीने में 37.6 प्रतिशत थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, समीक्षाधीन अवधि में निजी क्षेत्र के बैंकों की हिस्सेदारी 35.2 प्रतिशत से घटकर 28.2 प्रतिशत रह गई।
पिछले कुछ महीनों में निजी क्षेत्र के प्रमुख ऋणदाताओं ने गृह ऋण बाजार में स्थिरता की कमी की शिकायत की है और ब्याज दरों की पेशकश को तर्कहीन बताया है।
रिपोर्ट में कहा गया कि सरकारी बैंकों के आवास ऋणों में चूक सबसे ज़्यादा है, जहां 2.85 प्रतिशत बकाया राशि का भुगतान 31-90 दिन से नहीं किया गया है।
इसके विपरीत, निजी क्षेत्र के ऋणदाताओं के केवल 1.04 प्रतिशत ऋणों का ही भुगतान नहीं हुआ है।
भाषा पाण्डेय अजय
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