बहराइच (उप्र), 29 अगस्त (भाषा) बहराइच जिले की महसी तहसील में बृहस्पतिवार देर रात संदिग्ध जंगली जानवरों के हमलों में दो महिलाओं समेत चार लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि हरदी थाना क्षेत्र के तीन गाँवों में शाम साढ़े सात बजे से रात एक बजे के बीच हुए इन हमलों में एक भैंस भी घायल हो गई।
प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) राम सिंह यादव ने बताया कि ‘बम्भौरी बदनपुरवा गांव की निवासी रंजना (25) तथा राजकुमार सिंह (55), सिसैया चूरामणि मोतीपुरवा गांव के त्रिलोकी यादव (65) तथा खैरूल निशा (60) अज्ञात वन्यजीव के हमलों से घायल हुए हैं।
यादव के अनुसार, त्रिलोकी यादव की हालत गंभीर है, जबकि अन्य तीनों की हालत स्थिर हैं। उन्होंने बताया कि सभी का नजदीक के सरकारी अस्पताल में इलाज किया जा रहा है तथा घायलों को रैबीज व टिटनेस के टीके लगाए गये हैं।
उन्होंने बताया कि अहिरनपुरवा के राघव राम की भैंस को भी किसी जानवर ने काटा है और पशु चिकित्सक भैंस का उपचार कर रहा है।
अधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण जानवर की पहचान नहीं कर पाए हैं। पुलिस और राजस्व अधिकारियों के सहयोग से सात वन टीमें जानवर का पता लगाने के लिए पाँच गाँवों में तलाशी ले रही हैं।
स्थानीय विधायक सुरेश्वर सिंह ने भी उस इलाके के ग्रामीणों से मुलाकात की, जहाँ वे अलर्ट के बाद अपनी टीम के साथ पहुँचे थे। वन विभाग ने पिछले साल के सुरक्षा उपायों को फिर से लागू कर दिया है और निवासियों को बाहर सोने से बचने की सलाह दी है।
गौरतलब है कि गत वर्ष बहराइच के महसी तहसील अंतर्गत घाघरा नदी के कछार में स्थित 50 गांवों के नागरिक भेड़ियों तथा वन्यजीवों के हमलों से दहशत में थे। जुलाई 2024 से सितंबर 2024 तक सात बच्चों सहित नौ लोगों की इन हमलों से मौत हुई थी जबकि करीब 36 लोग भेड़िए अथवा अन्य जानवरों के हमलों से घायल हुए थे। आदमखोर भेड़ियों का एक झुंड गांव के लोगों पर हमले कर रहा था।
क्षेत्र को वन्यजीव आपदाग्रस्त घोषित कर आपरेशन भेड़िया चलाया गया था। पांच भेड़ियों को पिछले साल पकड़ा गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अनेक मंत्रियों व वरिष्ठतम अधिकारियों ने क्षेत्र का दौरा किया था।
इस साल जून 2025 में भी एक भेड़िए को सिसैया चूरामणि गांव से पकड़कर चिड़ियाघर भेजा गया है।
भाषा सं जफर नरेश मनीषा
मनीषा
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