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Wednesday, 27 August, 2025
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बंगाल के राज्यपाल ने गौर बंगा विवि के कुलपति को तत्काल प्रभाव से हटाया

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कोलकाता, 27 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने प्रोफेसर पवित्र चट्टोपाध्याय को कर्तव्य में लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण गौर बंगा विश्वविद्यालय के कुलपति पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। राजभवन के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

राज्यपाल का यह आदेश विश्वविद्यालय के महाविद्यालय निरीक्षक द्वारा प्रोफेसर पर कानूनी खर्चों के लिए पैसे मांगने का आरोप लगाने के कुछ दिनों बाद आया है। राज्यपाल राज्य द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति भी हैं।

रसायन विज्ञान के प्रोफेसर चट्टोपाध्याय ने इस आरोप से इनकार किया है।

राजभवन के अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘कुलाधिपति के आदेश के माध्यम से, प्रोफेसर पवित्र चट्टोपाध्याय को गौर बंगा विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में शक्तियों का प्रयोग करने और कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए दिया गया प्राधिकार तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाता है।’’

विश्वविद्यालय के महाविद्यालय निरीक्षक ने कथित अनियमितताओं को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय में मामला दायर किया है, जिसमें दावा किया गया है कि अंतरिम कुलपति ने कानूनी खर्चों के के लिए तीन लाख रुपये मांगे थे।

राजभवन के अधिकारी ने कहा, ‘‘ऐसा आरोप गंभीर है। हम कुलपति के पद पर ऐसे व्यक्ति को नहीं रख सकते जिस पर पैसे मांगने का आरोप हो। पश्चिम बंगाल में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।’’

विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह 25 अगस्त को आयोजित किया जाना था, लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार के शिक्षा विभाग के निर्देश पर इसे रद्द कर दिया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘कुलाधिपति ने दृढ़ रुख अपनाया कि सरकार को विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है और उन्होंने आदेश दिया कि दीक्षांत समारोह निर्धारित समय पर ही आयोजित किया जाए। लेकिन कुलपति ने इस निर्देश का पालन नहीं किया। कुलपति की इस अवहेलना के कारण कुलाधिपति ने उन्हें तत्काल पद से हटा दिया है।’’

बोस ने अप्रैल 2024 में राज्य के उम्मीदवारों की सूची में से चयन करने के बाद चट्टोपाध्याय को गौर बंगा विश्वविद्यालय का कार्यवाहक कुलपति नियुक्त किया था।

राज्य सरकार और राज्यपाल कार्यालय के बीच गतिरोध के कारण राज्य द्वारा संचालित विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह 2017 से निलंबित है।

भाषा

गोला मनीषा

मनीषा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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