(मानस प्रतिम भुइयां)
महू (मध्य प्रदेश), 26 अगस्त (भाषा) वायुसेना प्रमुख ए पी सिंह ने मंगलवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर कहा कि भारतीय वायुसेना अच्छी स्थिति में थी और वह पाकिस्तान पर हमले जारी रख सकती थी, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया क्योंकि वांछित लक्ष्य पहले ही हासिल किया जा चुका था।
‘आर्मी वॉर कॉलेज’ में एक चर्चा में वायुसेना प्रमुख ने यह भी कहा कि यह अभियान, विश्व भर में लम्बे समय तक जारी अनेक युद्धों की पृष्ठभूमि में ‘संघर्ष समाप्ति’ का प्रतिबिंब है।
उन्होंने नौ और 10 मई की मध्य रात्रि को पाकिस्तान पर भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए हमलों का जिक्र करते हुए कहा, ‘उस रात हम अच्छी स्थिति में थे। हम हमले जारी रख सकते थे, लेकिन वह हमारा उद्देश्य नहीं था। हमारा उद्देश्य पहले ही पूरा हो चुका था।’
वायुसेना प्रमुख ने सोशल मीडिया पर आई उन टिप्पणियों का भी ज़िक्र किया, जिनमें कहा गया था कि भारतीय सेना को पाकिस्तान के ख़िलाफ़ हमले जारी रखने चाहिए थे।
उन्होंने कहा, ‘ऐसा कहना बहुत आसान है। लेकिन आप उस युद्ध को क्यों लंबा खींचना चाहते हैं, जिसे अपना उद्देश्य हासिल करने के बाद रोका जा सकता है। मुझे लगता है कि यही जरूरी है।’
सिंह ने यह भी कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत में यह मिथक टूट गया कि वायु शक्ति के इस्तेमाल से किसी भी संघर्ष की स्थिति और बिगड़ सकती है।
उन्होंने कहा, ‘हम इस तथ्य से मुंह नहीं मोड़ सकते कि आज वायु शक्ति का इस्तेमाल आक्रामक तरीके से किया जाना चाहिए। इसका इस्तेमाल किसी निर्णय बिंदु पर पहुंचने के लिए किया जाना चाहिए।’
उन्होंने कहा, ‘चाहे युद्ध आज का हो या कल का, वायु शक्ति की प्रासंगिकता बढ़ती ही रहेगी। हमें अपने वायु और अंतरिक्ष क्षेत्र में सुधार के लिए तकनीक का लाभ उठाने पर विचार करना होगा।’
वायु सेना प्रमुख ने कहा कि भारत द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के सफल संचालन में तकनीक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में भारत ने सात मई को पाकिस्तान नियंत्रित क्षेत्रों में आतंकवादी ढांचों को निशाना बनाते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया। इस हमले के बाद चार दिनों तक भीषण झड़पें हुईं, जो 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति के साथ समाप्त हुईं।
भाषा आशीष दिलीप
दिलीप
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.