गोरखपुर/लखनऊ, 26 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में मंगलवार को मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर का दसवां दीक्षांत समारोह सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर राज्यपाल ने विभिन्न शोधार्थियों को उपाधि प्रदान की, विद्यार्थियों को पदक से सम्मानित किया तथा जनपद कुशीनगर के 300 आंगनबाड़ी केंद्रों हेतु आंगनबाड़ी किट वितरित की गयी।
उन्होंने विश्वविद्यालय के विभिन्न अध्यापकों द्वारा रचित पुस्तकों का विमोचन किया और उपाधियों एवं अंक प्रमाण-पत्रों को राष्ट्रीय शैक्षणिक डिपॉजिटरी पर अपलोड किया।
राज्यपाल ने उपाधि एवं स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि “यह प्रसन्नता की बात है कि विश्वविद्यालय निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है।”
उन्होंने कहा, “यह विश्वविद्यालय उस लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, जिसकी अपेक्षा की जाती है।”
पटेल ने कहा कि दीक्षांत समारोह में परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को भी सम्मानित किया गया, जिनमें खेल, नृत्य, गायन एवं वाचन जैसी विविध प्रतिभाएं विद्यमान हैं। यह तभी प्रकट होती हैं जब उन्हें प्रतियोगिताओं में सम्मिलित किया जाता है।
राज्यपाल ने कहा कि यह सराहनीय है कि विश्वविद्यालय ने अपने दीक्षांत समारोह में इन बच्चों के लिए प्रतियोगिताओं का आयोजन कर उन्हें पुरस्कृत करने का कार्य किया।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि ज्ञान प्राप्त कर लेना मात्र बड़ी बात नहीं है, बड़ी बात यह है कि हम सब उस ज्ञान को समाज एवं राष्ट्र के कल्याण में लगाएं।
उन्होंने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को छोटे बच्चों के बीच जाकर उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए तथा समय-समय पर मार्गदर्शन देकर उनका ज्ञानवर्धन करना चाहिए।
दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन, विशिष्ट अतिथि पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक तथा मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जे. पी. सैनी ने भी छात्र-छात्राओं को संबोधित किया।
इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मत्स्य मंत्री डॉ संजय निषाद, विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकगण एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
भाषा
सं, आनन्द, रवि कांत रवि कांत
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.