कोलकाता, 26 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के सहारे फूलने-फलने का आरोप लगाया और कहा कि करोड़ों रुपये के स्कूल भर्ती घोटाले में ‘‘कट मनी’’ के तार सीधे उसके शीर्ष नेताओं से जुड़े हुए हैं।
भाजपा नेता का यह आरोप एसएससी (स्कूल सेवा आयोग) भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा तृणमूल कांग्रेस विधायक जीवन कृष्ण साहा की गिरफ्तारी के एक दिन बाद आया है। साहा को इस मामले में 2023 में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। तेरह महीने जेल में बिताने के बाद वह अप्रैल में जमानत पर रिहा हुए थे।
अधिकारी ने संवाददाता सम्मेलन में, तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ साहा की एक तस्वीर दिखाते हुए दावा किया कि यह 12 अगस्त को खींची गई थी।
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘यह कोई पुरानी तस्वीर नहीं है। समझदार के लिए इशारा काफी है। इससे साबित होता है कि घोटाले का पैसा कहां गया।’’ साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि एक अन्य आरोपी सुजय कृष्ण भद्र उर्फ ’कालीघाटेर काकू’ ने भी स्वीकार किया है कि पैसा शीर्ष नेताओं को भेजा गया था।
अधिकारी ने आरोप लगाया कि साहा ने अन्य विधायकों के साथ मिलकर नौकरी के इच्छुक लोगों की सूची तैयार की, बेरोजगार युवाओं को अपनी संपत्ति, आभूषण या यहां तक कि पशुओं को बेचने के लिए मजबूर किया और फिर उससे प्राप्त धन को तृणमूल के शीर्ष नेताओं को दिया।
अधिकारी ने आरोप लगाया, ‘‘पैसे एकत्र करने वाले प्रत्येक व्यक्ति ने एक या दो लाख रुपये अपने पास रख लिए और बाकी कालीघाट भेज दिये गए। यह केवल जीवन कृष्ण या पार्थ चटर्जी की बात नहीं है, पूरी टीएमसी चोरों की पार्टी है।’’
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे एवं तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी कोलकाता के कालीघाट इलाके के निवासी हैं।
तृणमूल की हालिया संगठनात्मक बैठक पर कटाक्ष करते हुए अधिकारी ने दावा किया कि यह पार्टी की रणनीति के बारे में नहीं बल्कि भ्रष्टाचार के पैसे का हिसाब-किताब करने के बारे में थी।
उन्होंने पश्चिम बंगाल के 2.15 करोड़ बेरोजगार युवाओं से ‘‘2026 के विधानसभा चुनावों को परिवर्तन के औजार के रूप में उपयोग करने’’ का आग्रह किया और वादा किया कि भाजपा सरकार गलत तरीके से अर्जित संपत्तियों को जब्त करेगी, उन्हें सरकारी खजाने में लौटाएगी और वार्षिक एसएससी परीक्षा, विकेन्द्रीकृत भर्ती, ‘कार्बन कॉपी’ के साथ ओएमआर-आधारित परीक्षा और निष्पक्ष आरक्षण नीतियों के साथ भर्ती प्रक्रिया में सुधार करेगी।
विवाद को और तूल देते हुए, जीवन साहा के पिता विश्वनाथ साहा ने यह सनसनीखेज दावा किया कि उनके बेटे ने विधायक बनने के बाद ही ‘‘अत्यधिक अवैध संपत्ति’’ अर्जित की।
हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने अधिकारी के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज कर दिया।
पार्टी प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने पलटवार करते हुए कहा, ‘‘भाजपा ने भ्रष्ट लोगों की भर्ती करके भ्रष्टाचार से लड़ने की कला में महारत हासिल कर ली है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘एक तस्वीर साझा करने से कुछ साबित नहीं होता। (उद्योगपति) नीरव मोदी और विजय माल्या की भी भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ तस्वीरें हैं। क्या इसका मतलब यह है कि भाजपा नेताओं को उनकी लूट में हिस्सा मिला?’’ उन्होंने कहा कि भाजपा को आरोप लगाने से पहले अपने ‘‘अंदर झांकना’’ चाहिए।
ईडी की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब विधानसभा चुनाव डेढ़ साल से भी कम समय में होने वाले हैं।
भाषा सुभाष वैभव
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