नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) वित्त मंत्रालय ने सोमवार को नई शुरू की गई एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) से राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) का विकल्प चुनने की एकबारगी सुविधा दी।
सरकार ने एक अप्रैल, 2025 से केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत यूपीएस को एक विकल्प के रूप में पेश किया है। यूपीएस कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद सुनिश्चित भुगतान प्रदान करेगा।
केंद्र सरकार के 20 जुलाई तक लगभग 31,555 कर्मचारियों ने एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) का विकल्प चुना है और इस योजना के तहत पंजीकरण की अंतिम तिथि 30 सितंबर है।
वित्त मंत्रालय ने एक कार्यालय ज्ञापन में कहा कि यह निर्णय लिया गया है कि यूपीएस से एनपीएस में जाने की एकबारगी एकतरफा सुविधा उन सभी केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी जिन्होंने यूपीएस का विकल्प चुना है।
इसमें कहा गया, ‘‘यूपीएस का विकल्प चुनने वाले किसी भी समय इस सुविधा का उपयोग कर सकते हैं। इस विकल्प का उपयोग सेवानिवृत्ति की तारीख से एक वर्ष पहले या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के मामले में सेवानिवृत्ति की अनुमानित तारीख से तीन महीने पहले, जैसा भी लागू हो, किया जा सकता है।’’
सरकार ने यूपीएस के अंतर्गत ‘सेवानिवृत्ति ग्रैच्युटी और मृत्यु ग्रैच्युटी’ का लाभ दिया है।
इसके अलावा, एनपीएस के अंतर्गत यूपीएस का विकल्प चुनने वाले सरकारी कर्मचारी, सेवा के दौरान मृत्यु या अशक्तता या विकलांगता के आधार पर उसकी सेवामुक्ति की स्थिति में, सीसीएस (केंद्रीय सिविल सेवा) (पेंशन) नियम, 2021 या सीसीएस (असाधारण पेंशन) नियम, 2023 के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के विकल्प के लिए भी पात्र होंगे।
सरकार ने यूपीएस को भी आयकर अधिनियम, 1961 के अंतर्गत एनपीएस के समान कर लाभ प्रदान किए हैं।
भाषा रमण अजय
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