मुंबई, 24 अगस्त (भाषा) मुंबई की सड़कों पर चलने वाले 50 लाख से अधिक वाहनों में से लगभग 88 प्रतिशत निजी दोपहिया वाहन और कार हैं, जबकि सार्वजनिक परिवहन बस की संख्या एक प्रतिशत से भी कम है। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
बृहन्मुंबई महानगर पालिका की ‘पर्यावरण स्थिति रिपोर्ट 2024-25’ के अनुसार, मुंबई में वाहनों की संख्या 2024-25 में 50 लाख का आंकड़ा पार कर जाएगी। यह 2023 में 45,37,211 और 2024 में 47,59,976 से क्रमिक वृद्धि के साथ मार्च 2025 तक 50,54,907 हो जाएगी।
इस सप्ताह की शुरुआत में जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि मुंबई की सड़कों पर चलने वाले कुल वाहनों में से दोपहिया वाहन (59.34 प्रतिशत) और कार, जीप एवं स्टेशन वैगन (28.72 प्रतिशत) 88 प्रतिशत हैं।
शेष वाहनों में 5.02 प्रतिशत ऑटोरिक्शा, 3.27 प्रतिशत टैक्सी, 0.42 प्रतिशत मालवाहक वाहन, 0.02 प्रतिशत ट्रैक्टर/ट्रेलर और 2.72 प्रतिशत अन्य श्रेणी के वाहन शामिल हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रैल 2024 और मार्च 2025 के बीच मुंबई में कम से कम 2.94 लाख नए वाहन पंजीकृत किए गए जो पंजीकरण में 6.2 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है।
नए पंजीकृत वाहनों में से 60.87 प्रतिशत दोपहिया वाहन हैं। इसके बाद कार, जीप एवं स्टेशन वैगन 23.94 प्रतिशत, टैक्सी एवं कैब 6.26 प्रतिशत, ऑटोरिक्शा 3.06 प्रतिशत और माल वाहन 4.43 प्रतिशत हैं।
वाहनों की कुल संख्या में बसों की 0.73 प्रतिशत हिस्सेदारी है जबकि ट्रैक्टर/ट्रेलर और अन्य वाहनों का योगदान क्रमशः केवल 0.09 प्रतिशत और 0.6 प्रतिशत है।
रिपोर्ट के अनुसार, शहर में सबसे अधिक 39.83 लाख (78.79 प्रतिशत) वाहन पेट्रोल से चलने वाले हैं और इसके बाद 5.63 लाख (11.15 प्रतिशत) डीजल और 4.36 लाख सीएनजी से चलने वाले हैं।
मुंबई में केवल 48,854 इलेक्ट्रिक वाहन हैं, इसके बाद 11,418 वाहन एलपीजी और 10,832 अन्य ईंधन से चलते हैं।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (बेस्ट) उपक्रम मार्च के अंत तक कुल 2,731 बस का संचालन कर रहा था। इन बस में 612 बेस्ट के स्वामित्व वाली और 2,119 ‘वेट-लीज मॉडल’ के तहत संचालित बसें शामिल हैं।
‘वेट लीज मॉडल’ के तहत, निजी संचालक बस के रखरखाव और चालकों के वेतन का भुगतान करते हैं।
बेस्ट की कुल बस में से 91 प्रतिशत पर्यावरण-अनुकूल सीएनजी और इलेक्ट्रिक बस हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘2027 के अंत तक सभी बेस्ट बस इलेक्ट्रिक होंगी। इससे मुंबई शहर के प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी क्योंकि इन बस से प्रति वर्ष 3,18,296 टन कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन कम होगा।’’
भाषा
सिम्मी देवेंद्र
देवेंद्र
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