नयी दिल्ली, 23 अगस्त (भाषा) उत्तरी दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र में पशु कल्याण संगठनों के सदस्यों ने आवारा कुत्ता आश्रय स्थल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और जानवरों के प्रति क्रूरता का आरोप लगाया। इन संगठनों ने उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप कुत्तों को छोड़ने की भी मांग की। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।
शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर के आश्रय स्थलों से टीका लगाये गये आवारा कुत्तों को छोड़ने पर रोक लगाने वाले अपने 11 अगस्त के निर्देश को ‘बहुत कठोर’ बताते हुए संशोधित किया और कुत्तों को नसबंदी के बाद रिहा करने का आदेश दिया।
पुलिस के अनुसार शाहबाद डेयरी पुलिस थाने में शुक्रवार को सेक्टर 27 में एक कुत्ता आश्रय स्थल के सामने प्रदर्शन होने के बारे में एक कॉल आई थी।
पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि कुत्तों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है तथा उन्होंने परिसर का निरीक्षण करने के लिए तत्काल अनुमति मांगी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘स्थिति को देखते हुए, व्यवस्था बनाये रखने के लिए मौके पर एक टीम तैनात की गयी। प्रदर्शनकारियों की चिंताओं को दूर करने के लिए, पांच-पांच सदस्यों के समूहों द्वारा आश्रय स्थल का निरीक्षण करने की अनुमति दी गयी।’’
पुलिस ने बताया कि निरीक्षण के दौरान, आश्रय स्थल पर 113 आवारा कुत्ते पाए गए।
अधिकारी ने कहा, ‘‘सभी कुत्ते स्वस्थ पाए गए और उनमें क्रूरता या दुर्व्यवहार का कोई संकेत नहीं मिला। केवल एक कुत्ता अस्वस्थ पाया गया, जिसका पहले से ही इलाज चल रहा था।’’
अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को पूरी बात समझायी गयी, जिसके बाद स्थिति शांत हुई और लोग वहां से चले गये।
भाषा राजकुमार देवेंद्र
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