(अदिति खन्ना)
लंदन, तीन अगस्त (भाषा) ब्रिटेन ने रविवार को एक नए कानून की योजना पेश की जो खतरनाक ढंग से छोटी नौकाओं के जरिये लोगों को भेजने समेत देश में अवैध आव्रजन के अन्य रूपों को बढ़ावा देने वाले सोशल मीडिया विज्ञापनों के लिए जिम्मेदार आपराधिक गिरोहों पर कार्रवाई करने में मददगार होगी।
सीमा सुरक्षा, शरण और आव्रजन विधेयक, जो वर्तमान में संसद में विचाराधीन है, में एक नए संशोधन के तहत ब्रिटेन भर में एक ऐसे व्यापक अपराध को निर्दिष्ट किया जाएगा जो ऑनलाइन प्रकाशन के लिए ऐसी सामग्री के सृजन को आपराधिक बना देगा जो ब्रिटेन के आव्रजन कानून के उल्लंघन को बढ़ावा देने या उसे सुविधाजनक बनाने वाली सेवाएं प्रदान करती है।
इसमें इंग्लिश चैनल में छोटी नावों के आवागमन, पासपोर्ट या वीजा जैसे नकली यात्रा दस्तावेज बनाना या ब्रिटेन में अवैध काम के अवसरों का स्पष्ट रूप से वादा करना शामिल हो सकता है। यह कदम दुनिया में कहीं भी मौजूद मानव तस्करों को निशाना बनाने के प्रयास के तहत किया गया है।
नए अपराध के तहत पकड़े गए व्यक्तियों को पांच साल तक की जेल और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
ब्रिटेन की गृह मंत्री यवेट कूपर ने कहा, ‘‘सिर्फ पैसा कमाने के लिए ब्रिटेन की सुरक्षित यात्रा और इस देश में बेहतर जीवन का झूठा वादा करना – चाहे ऑनलाइन हो या ऑफलाइन – अनैतिकता से कम नहीं है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इन अपराधियों को सोशल मीडिया पर बेशर्मी से हथकंडे अपनाकर प्रवासियों को जानलेवा हालात में डालने में कोई दिक्कत नहीं है। हम उन्हें रोकने के लिए हरसंभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं – चाहे वे कहीं से भी काम करें।’’
कूपर ने कहा, ‘‘हमें मानव तस्करी करने वाले गिरोहों की लगातार बदलती रणनीतियों से एक कदम आगे रहना होगा और यह कदम, जो सीमा सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए हमारी परिवर्तन योजना का हिस्सा है, कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इन हथकंडों को तेजी से और अधिक प्रभावी ढंग से निष्क्रिय करने में सक्षम बनाएगा, जिससे लोगों को उचित दंड मिलना सुनिश्चित होगा।’’
ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने कहा कि उसके विश्लेषण से पता चलता है कि छोटी नावों के माध्यम से अवैध रूप से आने वाले लगभग 80 प्रतिशत प्रवासियों ने अधिकारियों को बताया कि उन्होंने ब्रिटेन की यात्रा के लिए सोशल मीडिया का उपयोग किया, जिसमें किसी संगठित आपराधिक समूह से जुड़े एजेंट या सहयोगी का पता लगाना या उससे संवाद करना भी शामिल था।
भाषा संतोष नेत्रपाल
नेत्रपाल
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