नई दिल्ली: फ्रांस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ अपनी द्विपक्षीय बैठक से पहले राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि दोनों देशों के ‘साझा हित’ मैत्री पर केन्द्रित हैं.
प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को दो देशों की यात्रा पर रवाना हुए, जिसमें पहले वह फ्रांस और फिर अमेरिका जाएंगे.
सोमवार से शुरू हो रही अपनी तीन दिवसीय फ्रांस यात्रा के दौरान, मोदी पेरिस में मैक्रों के साथ एआई एक्शन शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे, उनके साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और व्यापार जगत से जुड़े लोगों को संबोधित करेंगे.
भारत के ‘फर्स्टपोस्ट’ और फ्रांसीसी समाचार नेटवर्क ‘फ्रांस24’ के साथ पेरिस में एक वीडियो इंटरव्यू में मैक्रों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और इसके वैश्विक प्रभाव, भारत-फ्रांस संबंधों और अमेरिका पर अपने विचार साझा किए.
एक बयान के मुताबिक, बातचीत के दौरान फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने प्रौद्योगिकी और शिक्षा के क्षेत्र में भारत की मज़बूती पर प्रकाश डाला.
बयान में उनके हवाले से गया है, भारत एक प्रशिक्षण महाशक्ति है जो प्रति वर्ष दस लाख इंजीनियर तैयार करता है और यह अमेरिका और यूरोप द्वारा प्रशिक्षित किए जाने वाले इंजीनियर की दोनों की संयुक्त संख्या से ज्यादा है.
फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा, “हमारे साझा हित मैत्री पर केंद्रित हैं.”
एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा, “हम अपनी प्रतिभाओं को प्रशिक्षित करना चाहते हैं ताकि वे विदेश जा सकें, लेकिन उन्हें वतन में भी रहना चाहिए.”
इंटरव्यू की शुरुआत में मैक्रों ने भारत के लोगों का हिंदी में अभिवादन करते हुए कहा, ‘भारत के लोगों को मेरा नमस्ते’ और अंत में उन्होंने कहा ‘बहुत शुक्रिया’.
दिल्ली में सात फरवरी को एक विशेष ब्रीफिंग में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रधानमंत्री की फ्रांस यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम साझा किया था.
मोदी सोमवार को पेरिस पहुंचेंगे और एलिसी पैलेस में मैक्रों द्वारा आयोजित रात्रिभोज में शामिल होंगे, जिसमें शिखर सम्मेलन में आमंत्रित अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में प्रौद्योगिकी क्षेत्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के शामिल होने की संभावना है.
प्रधानमंत्री मैक्रों के साथ 11 फरवरी को एआई एक्शन शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे.
मिसरी ने संवाददाताओं को बताया कि वह विशिष्ट और प्रतिनिधिमंडल स्तरीय, दोनों प्रारूपों में चर्चा करेंगे तथा भारत-फ्रांस सीईओ फोरम को संबोधित करेंगे.
प्रधानमंत्री का मैक्रों के साथ मार्सिले में भारत के नए महावाणिज्य दूतावास का उद्घाटन करने का भी कार्यक्रम है.
दोनों नेता बाद में अंतर्राष्ट्रीय थर्मोन्यूक्लियर प्रायोगिक रिएक्टर (आईटीईआर) स्थल कैडारैचे का दौरा करेंगे, जो एक उच्च-विज्ञान परियोजना है जिसका भारत अन्य देशों के साथ हिस्सा है.
पिछले साल भारत और फ्रांस ने अपनी रणनीतिक साझेदारी की 25वीं वर्षगांठ मनाई, जिसमें रक्षा और सुरक्षा, असैन्य परमाणु मामले, अंतरिक्ष से लेकर व्यापार, अर्थव्यवस्था और वाणिज्य तक के सभी मुद्दे शामिल थे.
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