(अमनप्रीत सिंह)
नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) टोगो के खिलाफ मुकाबले के लिए भारतीय डेविस कप के माहौल में छोटी-छोटी चीजें बदली हुई दिखाई दी और स्पष्ट दिखा कि इन बदलाव ने अंतर पैदा किया।
जब कोर्ट के बाहर खिलाड़ियों की जरूरतों का ध्यान रखा जाता है तो यह कोर्ट पर बहुत मददगार साबित होता है। भारतीय टीम ने रविवार को यहां टोगो के खिलाफ 4-0 से जीत दर्ज की जिससे भारत डेविस कप टेनिस विश्व ग्रुप एक में बना रहेगा।
घरेलू खिलाड़ियों की काबिलियत को देखते हुए टोगो से निपटना भारतीय टीम के लिए कोई परीक्षा नहीं थी। लेकिन यह स्पष्ट था कि किए गए बदलावों ने खिलाड़ियों की मानसिकता पर गहरा प्रभाव डाला जो मैच की तैयारी से लेकर मैच के अंत तक एक साथ खुश दिखे।
यह भी सुनिश्चित किया गया था कि खिलाड़ियों का लाउंज केवल खिलाड़ियों के लिए ही रहे। यहां तक कि अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) के अधिकारियों को भी उस स्थान में प्रवेश करने की अनुमति नहीं थी जो पहले ऐसा नहीं था।
अगर ट्रेनिंग सत्र सुबह 11 बजे शुरू होना था तो नए कोच आशुतोष सिंह ने सुनिश्चित किया कि पहली गेंद सुबह 11 बजे ही हिट की जाए और इसमें कोई देरी नहीं हो। जो भी ट्रेनिंग मॉड्यूल निर्धारित किए गए थे उनका पालन किया गया।
अगर कोई सत्र तय किया गया था तो उसे उसी तरह से क्रियान्वित किया गया जैसा कि तैयार किया गया था।
पहली बार तीन फिजियो थे जो टीम की मदद कर रहे थे। इसका नतीजा यह हुआ कि खिलाड़ी स्वतंत्र महसूस कर रहे थे और कोर्ट पर बेहतरीन खेल दिखाने के लिए तैयार थे और अपना सर्वश्रेष्ठ दे रहे थे।
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान भी सौहार्दपूर्ण माहौल देखने को मिला। जब कप्तान रोहित राजपाल ने खुलासा किया कि कैसे रामकुमार रामनाथन हमेशा शशिकुमार मुकुंद के साथ मजाक करते हैं तो रामकुमार ने तुरंत कहा कि वह कभी अकेले नहीं थे और कप्तान खुद भी उनके साथ शामिल थे।
कप्तान राजपाल ने माना कि अब चीजें बदल रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए हमने राष्ट्रीय टेनिस केंद्र शुरू किया था, हालांकि अब यह बंद हो चुका है। लेकिन हम एक कार्यक्रम की योजना बना रहे हैं और इसके लिए स्पेन में राफेल नडाल अकादमी से बातचीत कर रहे हैं। ’’
भाषा नमिता आनन्द
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