चंडीगढ़, 21 जनवरी (भाषा) पंजाब के पर्यटन मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने मंगलवार को कहा कि 8.63 करोड़ रुपये की जल बस परियोजना ‘‘भ्रष्टाचार का प्रतीक’’ है और राज्य सरकार इसकी जांच कर रही है।
उन्होंने कहा कि सेवा को दोबारा शुरू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
सौंद मीडिया में आई उन खबरों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिनमें कहा गया था कि पंजाब सरकार इस सेवा को फिर से शुरू करने का प्रयास कर रही है।
यह सेवा दिसंबर 2016 में तत्कालीन शिरोमणि अकाली दल-भाजपा सरकार के दौरान शुरू की गई थी। इसने पर्यटकों को हरिके झील में बस में घूमने में सक्षम बनाया।
वर्ष 2017 में कांग्रेस सरकार के सत्ता संभालने के बाद इस परियोजना को रद्द कर दिया गया था।
सौंद ने परियोजना पर 8.63 करोड़ रुपये खर्च करने के लिए पूर्ववर्ती सरकार की आलोचना की और इसे एक खराब निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि इसने पंजाब के लोगों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ डाला।
उन्होंने कहा, ‘‘जल बस भ्रष्टाचार का प्रतीक है और फिलहाल इसकी जांच की जा रही है।’’
भाषा नेत्रपाल माधव
माधव
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.