मेलबर्न, 21 जनवरी (भाषा) पूर्व नंबर एक खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने हार ना मानने का जज्बा दिखाते हुए मंगलवार को यहां ऑस्ट्रेलियाई ओपन क्वार्टर फाइनल में स्पेन के कार्लोस अल्काराज को हराकर रिकॉर्ड 25वां ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने की ओर मजबूत कदम बढ़ाये।
सेमीफाइनल में जोकोविच के सामने शुक्रवार को अलेक्जेंडर ज्वेरेव की चुनौती होगी।
महिला वर्ग में पाउला बाडोसा ने कोको गाफ को बाहर का रास्ता दिखाया। गुरुवार को उनके सामने विश्व की नंबर एक खिलाड़ी आर्यना सबालेंका की चुनौती होगी। सबालेंका ने सेमीफाइनल में जगह बनाकर लगातार तीसरा खिताब जीतने की तरफ कदम बढ़ाए।
पुरुष एकल में मैच का पहला सेट गंवाने वाले सैंतीस साल के जोकोविच के सामने उनसे 16 साल कम उम्र के युवा खिलाड़ी की चुनौती थी। इसके साथ ही वह बायें पैर में खिंचाव के कारण मैच के बीच कई बार दर्द में दिखे लेकिन वह हर तरह की चुनौती से पार पाते हुए 4-6, 6-4, 6-3, 6-4 की जीत के साथ 12वीं बार मेलबर्न पार्क में सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रहे।
मैच का कोई भी सेट टाईब्रेकर में नहीं खिंचा लेकिन विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर काबिज अल्काराज ने हर अंक के लिए जोकोविच को कड़ी चुनौती दी।
विश्व रैंकिंग में सातवें स्थान पर काबिज सर्बिया के इस खिलाड़ी ने साढ़े तीन घंटे से अधिक समय तक चले इस मुकाबले को जीतने के बाद कहा, ‘‘मैं बस यही चाहता हूं कि आज का यह मैच फाइनल हो। ऑस्ट्रेलियाई ओपन में मेरे द्वारा खेले गए सबसे शानदार मैचों में से एक रहा। यह किसी भी कोर्ट भी मेरे सर्वश्रेष्ठ मैचों में से एक है।’’
अल्काराज ने इस दौरान चौथे सेट में 33 स्ट्रोक तक चली रैली को जीतकर ब्रेक प्वाइंट का बचाव किया। जब यह खत्म हुआ तो जोकोविच ने दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच लंबी सांस ली।
दर्शक दीर्घा में पत्नी, बेटा और बेटी की मौजूदगी ने रिकॉर्ड 24 ग्रैंड स्लैम जीतने वाले इस खिलाड़ी का हौसला बढ़ाया। उन्होंने इस दौरान कुछ शानदार प्रयास किये और जब उनके प्रयास सफल होते थे तब वह दर्शकों को हौसला अफजाई करने का इशारा करते दिखे।
जोकोविच ने मैच खत्म होने के साथ ही अपने कोच एंडी मर्रे को गले से लगा लिया और फिर अल्काराज की तारीफ की।
उन्होंने कहा, ‘‘ मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि वह काफी सफल खिलाड़ी साबित होंगे।’’
यह दोनों खिलाड़ियों की आठवीं भिड़ंत थी। ऑस्ट्रेलियाई ओपन के साथ ही दोनों पहली बार किसी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल या फाइनल से पहले ही आपस में टकरा गये।
जोकोविच सामने ग्रैंड स्लैम के अपने 50वें सेमीफाइनल मैच में दूसरी रैंकिंग के खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव की चुनौती होगी।
ज्वेरेव ने एक अन्य क्वार्टर फाइनल में विश्व रैंकिंग में 12वें स्थान पर काबिज अमेरिका के टॉमी पॉल को 7-6 (1), 7-6 (0), 2-6, 6-1 हराया।
मैच के दूसरे सेट में जब ज्वेरेव 4-2 से पीछे चल रहे थे तब चेयर अंपायर ने कोर्ट में चिड़िया का पंख गिरने के कारण उनके हासिल किये गये अंक का रिप्ले दिखाने को कहा। रिप्ले के कारण मैच में आयी रुकावट से ज्वेरेव थोड़े गुस्से में आ गये और उन्होंने अंपायर से कहा, ‘‘ क्या ? एक पंख? इस कोर्ट के आसपास ‘लाखों’ की संख्या में पंख गिरते रहते हैं। एक यहां है, एक वहां है।’’
उन्होंने मैच के बाद इस बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘ मुझे नहीं पता की अंपायर का फैसला सही था या गलत। यह कोई ठोस चीज नहीं है। पंख से टकराने बाद भी टेनिस गेंद की दिशा में कोई बदलाव नहीं आयेगा।’’
सबालेंका ने क्वार्टर फाइनल में अनास्तासिया पावलुचेनकोवा को 2-6, 6-2, 6-3 से हराया। इस तरह से वह मेलबर्न पार्क में लगातार 19 मैच जीत चुकी हैं।
सबालेंका को लय हासिल करने में थोड़ा समय लगा। तीसरे और निर्णायक सेट में भी एक समय स्कोर 3–3 से बराबरी पर था। इसके बाद सबालेंका ने लगातार तीन गेम जीतकर मैच अपने नाम किया।
सबालेंका अगर इस बार भी चैंपियन बनती है तो फिर वह ऑस्ट्रेलियाई ओपन के महिला एकल में मार्टिना हिंगिस के बाद खिताबी हैट्रिक बनाने वाली पहली खिलाड़ी बन जाएगी। हिंगिस ने 1997 से 1999 तक यह कारनामा किया था।
अमेरिका की तीसरी रैंकिंग वाली गाफ का सफर हालांकि अंतिम आठ में खत्म हो गया। स्पेन की 11वें नंबर की खिलाड़ी पाउला से वह 5-7, 4-6 से हारकर बाहर हो गई ।
इस वर्ष 9-0 के रिकॉर्ड के साथ रॉड लावेर एरिना आई गाफ नवंबर में डब्ल्यूटीए फाइनल्स जीतने के बाद एक भी मैच नहीं हारी थी । उन्होंने इस साल मेलबर्न पार्क पर चार मैचों में एक ही सेट गंवाया ।
बाडोसा 27 वर्ष की उम्र में अपने कैरियर का पहला ग्रैंडस्लैम सेमीफाइनल खेलेंगी ।
उन्होंने कहा ,‘‘ मैं भावुक हो गई हूं । मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहती थी जो मुझे लगता है कि मैने किया । मुझे अपने प्रदर्शन पर गर्व है ।’’
भाषा आनन्द पंत
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