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Wednesday, 14 January, 2026
होमखेलचोपड़ा को साल के 365 दिन कोच जेलेज्नी की जरूरत नहीं है: निवर्तमान एएफआई अध्यक्ष सुमरिवाला

चोपड़ा को साल के 365 दिन कोच जेलेज्नी की जरूरत नहीं है: निवर्तमान एएफआई अध्यक्ष सुमरिवाला

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… फिलेम दीपक सिंह …

चंडीगढ़ सात जनवरी (भाषा) भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) के निवर्तमान अध्यक्ष आदिल सुमरिवाला ने मंगलवार को कहा कि दिग्गज भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा पूरे साल अपने कोच यान जेलेज्नी के साथ प्रशिक्षण नहीं लेंगे और केवल जरूरत पड़ने पर ही उनसे मार्गदर्शन लेंगे। चोपड़ा ने नये सत्र की तैयारी के लिए नवंबर 2024 में तीन बार के ओलंपिक चैंपियन और विश्व रिकॉर्ड धारक 58 साल के जेलेज्नी (98.48 मीटर) को अपने कोच के रूप में नियुक्त किया। भारतीय खिलाड़ी के पास इस साल अपने वैश्विक खिताब का बचाव करने की चुनौती है। जेलेज्नी को आधुनिक युग का सबसे महान भाला फेंक खिलाड़ी माना जाता है। चेक गणराज्य के इस खिलाड़ी ने अपने शानदार करियर में तीन ओलंपिक स्वर्ण पदक (1992, 1996, 2000) और इतने ही वैश्विक खिताब (1993, 1995, 2001) जीते हैं। चोपड़ा ने पिछले सत्र के आखिरी तक जर्मनी के बायोमैकेनिक्स विशेषज्ञ क्लॉस बार्टोनिट्ज के साथ काम किया। बार्टोनिट्ज उनके कोच भी थे और वह लगभग पूरे साल चोपड़ा के साथ रहते थे। सुमरिवाला ने एएफआई एजीएम (वार्षिक आम बैठक ) के शुरुआती दिन कहा, ‘‘कोचिंग के अलग-अलग हिस्से हैं । इसमें स्ट्रेंथ कंडीशनिंग, तकनीक, बायोमैकेनिक्स आदि शामिल हैं। आम तौर पर एक कोच इन सब चीजों को नहीं संभालता है और इसमें दूसरों से मदद ली जाती है। आज के दौर में दुनिया में कोई भी कोच ऐसा नहीं है जो किसी एथलीट के साथ 365 दिन रहे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जेलेज्नी भले ही चोपड़ा के साथ 365 दिन ना रहे लेकिन जब जरूरत होगी तब वह आयेंगे। चोपड़ा अब अपने जीवन के उस पड़ाव पर पहुंच गए हैं जहां उन्हें विभिन्न तरह की सहायता (‘स्ट्रेग्थ ट्रेनिंग’, कंडीशनिंग, बायोमैकेनिक्स, ‘रनिंग एंड थ्रोइंग’) की जरूरत है।’’ तोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण और पेरिस ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाले चोपड़ा मौजूदा समय में दक्षिण अफ्रीका में जेलेज्नी की देखरेख में अभ्यास कर रहे हैं। सुमरिवाला ने कहा, ‘‘चोपड़ा के कोच के चयन के लिए बहुत सलाह-मशविरा हुआ था। कई कोच से बात की गई थी। चोपड़ा ने खुद कई कोच से बात की और हमने आखिरकार यान जेलेज्नी का नाम तय किया।’’ विश्व एथलेटिक्स के कार्यकारी बोर्ड के सदस्य 67 साल के सुमरिवाला एएफआई में अपना 12 साल का कार्यकाल खत्म कर रहे हैं। उनकी जगह एशियाई खेलों के गोला फेंक के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता बहादुर सिंह सागू ले रहे हैं। सुमरिवाला से जब पूछा गया कि वह अपने कार्यकाल के दौरान खेल के किन पहलुओं पर बेहतर काम कर सकते थे तो उन्होंने कहा, ‘‘मुझे डोपिंग, अधिक उम्र के मुद्दे और युवा एथलीटों के ओवरट्रेनिंग और शुरुआती विशेषज्ञता में और अधिक सुधार पसंद आता। मुझे उम्मीद है कि नयी टीम इन मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान देगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने इसके लिए प्रणाली तैयार कर ली है। मुझे यकीन है कि नयी टीम इसे बहुत ऊंचे स्तर पर ले जाएगी। हम सही रास्ते पर हैं और हमें आंतरिक और बाहरी जरूरतों के मुताबिक समय-समय पर रणनीति में बदलाव करना होगा।’’ भाषा आनन्द सुधीरसुधीर

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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