(ललित के झा)
वाशिंगटन, नौ अक्टूबर (भाषा) भारत और अमेरिका के वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन के लिए प्रतिबद्ध अग्रणी देशों के रूप में उभरने का उल्लेख करते हुए एक शीर्ष भारत-केंद्रित अमेरिकी रणनीतिक एवं व्यावसायिक पैरोकार समूह के प्रमुख ने कहा है कि दोनों देशों ने एक-दूसरे के राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन का समर्थन करना अपनी प्राथमिकता बना ली है।
अमेरिका-भारत रणनीतिक एवं भागीदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) ने हाइड्रोजन दिवस (आठ अक्टूबर) के अवसर पर मंगलवार को कहा कि दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के रूप में अमेरिका और भारत, अभिनव स्वच्छ ऊर्जा समाधानों के माध्यम से जलवायु परिवर्तन से निपटने में विश्व में नेतृत्वकर्ता देश के रूप में उभर रहे हैं। इसमें हाइड्रोजन एक प्रमुख तत्व है।
यूएसआईएसपीएफ के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मुकेश अघी ने कहा, ‘‘अमेरिका और भारत वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन के लिए प्रतिबद्ध अग्रणी देश के रूप में उभरे हैं। रणनीतिक स्वच्छ ऊर्जा साझेदारी के माध्यम से, हमने स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं, वित्तपोषण, निवेश और अनुसंधान एवं विकास से संबंधित सहयोग में वृद्धि देखी है।’’
उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत ने हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था और कम कार्बन ऊर्जा स्रोतों के उपयोग के माध्यम से कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन में कमी लाने के उद्देश्य से वैश्विक स्तर पर कार्बन डाईऑक्साइड के उत्सर्जन में कमी के लिए हाइड्रोजन को एक महत्वपूर्ण ऊर्जा स्रोत के रूप में महत्व दिया।
अघी ने कहा कि अमेरिका और भारत ने एक-दूसरे के राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन का समर्थन करना अपनी प्राथमिकता बना ली है।
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) के संयुक्त सचिव अजय यादव ने कहा कि हाइड्रोजन दिवस समारोह, नयी दिल्ली में आयोजित ‘ग्रीन हाइड्रोजन’ पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (आईसीजीएच 2024) में प्रेरक संवाद एवं नवाचार को प्रदर्शित करने का एक अवसर है, जिसमें अमेरिका एक साझेदार देश है।
भाषा सुरभि प्रशांत
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