(योषिता सिंह)
संयुक्त राष्ट्र, 24 सितंबर (भाषा) अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने चीन को कड़ा संदेश देते हुए मंगलवार को विश्व नेताओं से कहा कि वाशिंगटन हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपने गठबंधनों और साझेदारियों के नेटवर्क को मजबूत करना जारी रखेगा।
बाइडन ने स्पष्ट किया कि ये गठबंधन और साझेदारियां किसी देश के खिलाफ नहीं हैं, क्योंकि अमेरिका चीन के साथ प्रतिस्पर्धा का जिम्मेदारी से प्रबंधन करना चाहता है।
बतौर अमेरिकी राष्ट्रपति संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के मंच से विश्व नेताओं को अपने आखिरी संबोधन में बाइडन ने कहा, “हमें अपने सिद्धांतों को भी बनाए रखने की आवश्यकता है, क्योंकि हम चीन के साथ प्रतिस्पर्धा का जिम्मेदारी से प्रबंधन करना चाहते हैं, ताकि यह संघर्ष में न तब्दील हो जाए।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने संरा महासभा के 79वें सत्र की आम बहस में कहा, “अमेरिका स्पष्ट रूप से अनुचित आर्थिक प्रतिस्पर्धा के खिलाफ है, वह दक्षिण चीन सागर में अन्य देशों पर सैन्य दबाव बनाने के खिलाफ है और ताइवान जलडमरूमध्य में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के पक्ष में है। अमेरिका अपनी सबसे उन्नत प्रौद्योगिकियों की रक्षा कर रहा है, ताकि इनका हमारे खिलाफ या हमारे किसी साझेदार के खिलाफ दुरुपयोग न किया जा सके।”
उन्होंने कहा, “इसके साथ ही हम पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में गठबंधनों और साझेदारियों के अपने नेटवर्क को मजबूत करना जारी रखेंगे। ये गठबंधन और साझेदारियां किसी राष्ट्र के खिलाफ नहीं हैं। स्वतंत्र, खुले, सुरक्षित और शांतिपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थापना के लिए कई सहायक कारक मौजूद हैं।”
भाषा पारुल अविनाश
अविनाश
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