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Sunday, 8 February, 2026
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फलस्तीन समर्थक जुलूस निकालने के आरोपों को चुनौती देंगी महिलाएं

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(गुरदीप सिंह)

सिंगापुर, 18 सितंबर (भाषा) सिंगापुर में भारतीय मूल की एक महिला समेत तीन सिंगापुरी महिलाएं फलस्तीन के समर्थन में राष्ट्रपति के महल की ओर जुलूस निकालने में उनकी संलिप्तता को लेकर लगाए गए आरोपों को चुनौती देंगी।

बुधवार को मीडिया में आई एक खबर के अनुसार, तीनों के खिलाफ दो फरवरी को बिना इजाजत जुलूस आयोजित करने के लिए जून में सार्वजनिक व्यवस्था अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।

अन्नामलाई कोकिला पार्वती पर दो अन्य महिलाओं और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के साथ मिलकर जुलूस का आयोजन करने के षडयंत्र में सहयोग करने का आरोप है।

चैनल न्यूज एशिया की खबर के अनुसार, 36 वर्षीय अन्नामलाई पर वर्जित क्षेत्र में सार्वजनिक जुलूस आयोजित करने के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है, जबकि 29 वर्षीय सिती अमीरा मोहम्मद असरोरी और 25 वर्षीय मोसाम्मद सोबिकुन नाहर पर इस्ताना(राष्ट्रपति का महल) के आसपास दोपहर 2 से 3 बजे के बीच जुलूस आयोजित करने का आरोप है।

पुलिस ने पहले दिए गए बयान में कहा था कि दो फरवरी को अपराह्न करीब दो बजे करीब 70 लोग एक मॉल के बाहर ऑर्चर्ड रोड पर एकत्र हुए और राष्ट्रपति के महल की ओर चल पड़े।

इस मामले में बुधवार सुबह तीनों आरोपी एक साथ राज्य न्यायालय में पेश हुए। जब न्यायाधीश ने मामले पर उनका रुख पूछा, तो उनके वकील ने कहा, “सभी आरोपी आरोपों का अध्ययन कर रहे हैं।”

मामले की सुनवाई अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

दोषी पाए जाने पर प्रत्येक महिला को छह महीने तक की जेल हो सकती है, 10,000 सिंगापुर डॉलर तक का जुर्माना लगाया जा सकता है, या फिर जुर्माने और सजा दोनों का सामना करना पड़ सकता है।

भाषा जोहेब नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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