ढाका, 18 अगस्त (भाषा) बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में कम से कम 44 पुलिसकर्मी मारे गए। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
सरकारी नौकरियों में विवादास्पद आरक्षण प्रणाली के खिलाफ छात्रों के बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बाद 76 वर्षीय शेख हसीना ने पांच अगस्त को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और भारत चली गईं।
बंगाली भाषा के प्रमुख समाचार पत्र ‘प्रोथोम आलो’ की खबर के मुताबिक, पुलिस मुख्यालय की मीडिया शाखा ने कहा कि संघर्ष में 44 पुलिसकर्मी मारे गए।
इसमें कहा गया है कि पुलिस अधिकारियों की मौतें 20 जुलाई से 14 अगस्त के बीच हुईं।
खबर में कहा गया है कि जिस दिन हसीना भारत गईं, उस दिन 25 पुलिसकर्मी मारे गए थे। यह संघर्षों के दौरान एक दिन में हुई सबसे ज्यादा पुलिसकर्मियों की मौत थी।
हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार के गिरने के बाद देशभर में भड़की हिंसा की घटनाओं में 230 से अधिक लोग मारे गए। जुलाई के मध्य में छात्रों द्वारा शुरू किए गए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बाद से मरने वालों की संख्या 600 से अधिक हो गई है।
भाषा नोमान प्रशांत
प्रशांत
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
