(अदिति खन्ना)
लंदन, 31 जुलाई (भाषा) पूर्वी इंग्लैंड में चाकू हमले में मारी गईं तीन बच्चियों की स्मृति सभा के समय धुर-दक्षिणपंथी लोगों के समूह ने एक मस्जिद को निशाना बनाया और इस दौरान फैली अव्यवस्था में करीब 40 पुलिस अधिकारी घायल हो गए।
खबरों के अनुसार, पुलिस हिरासत में मौजूद 17 वर्षीय संदिग्ध की नस्ल और धर्म के बारे में सोशल मीडिया पर गलत सूचना का प्रसार हुआ, जिसके बाद मंगलवार रात साउथपोर्ट में स्थित मस्जिद से पास दंगा भड़क गया।
पुलिस ने कहा कि उसके 22 अधिकारियों को गंभीर चोटें आई हैं।
पुलिस के अनुसार, दंगाइयों ने कई कारों को आग के हवाले कर दिया, स्थानीय मस्जिद पर पत्थर फेंके, एक स्थानीय दुकान में तोड़फोड़ की और कूड़ेदानों में आग लगा दी।
सोमवार को हार्ट स्ट्रीट में एक डांस स्टूडियो में हुई चाकूबाजी की घटना के बाद घटनास्थल पर जाने वाले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर ने भीड़ की निंदा की।
उन्होंने कहा, “साउथपोर्ट के लोग कल उन पर हुए हमले के बाद से सदमे में हैं। हम उनका समर्थन और सम्मान करते हैं।”
उन्होंने कहा, “जिन लोगों ने स्मृति सभा के दौरान हिंसा और गुंडागर्दी की उन्होंने शोकाकुल लोगों का अपमान किया है। उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
चाकूबाजी में जान गंवाने वाली बच्चियों की पहचान एलिस डा सिल्वा एक्वियर (9), बेबी किंग (6) और एलसी डोट स्टेनकॉम्ब (7) के रूप में हुई है। घटना में आठ अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, इनमें से पांच लोग अस्पताल में भर्ती हैं।
मर्सीसाइड पुलिस ने कहा है कि वह फिलहाल इस घटना को आतंकवाद से संबंधित नहीं मान रही है।
पुलिस के सहायक मुख्य कांस्टेबल एलेक्स गॉस ने कहा, “17 वर्षीय एक युवक की पहचान के बारे में बहुत सी अटकलें और कयास लगाए जा रहे हैं, जो फिलहाल पुलिस हिरासत में है। कुछ व्यक्ति इन अटकलों को सच मानकर सड़कों पर हिंसा और अव्यवस्था फैला रहे हैं। हम पहले ही कह चुके हैं कि गिरफ्तार किया गया व्यक्ति ब्रिटेन में पैदा हुआ था और इस समय अटकलों से किसी को फायदा नहीं होने वाला।”
भाषा जोहेब सुभाष
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