(ललित के झा)
वाशिंगटन, 27 जुलाई (भाषा) डोनाल्ड ट्रंप पर करीब दो सप्ताह पहले हुए हमले को लेकर लगाई जा रही अटकलों पर विराम लगाते हुए संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने शुक्रवार को इस बात की पुष्टि की कि पेनसिल्वेनिया में रैली के दौरान अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति के कान पर वास्तव में गोली लगी थी।
एफबीआई ने एक बयान में कहा, ‘‘हमलावर की रायफल से चली पूरी गोली या छर्रा पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के कान पर लगा था।’’
दरअसल, एफबीआई के निदेशक क्रिस्टोफर रे ने इस सप्ताह की शुरुआत में हमले को लेकर कुछ अस्पष्ट टिप्पणियां की थीं, जिससे इस बात को लेकर अटकलें लगने लगी थीं कि क्या ट्रंप को वास्तव में गोली लगी थी।
इस टिप्पणी को लेकर ट्रंप और उनके सहयोगियों ने नाराजगी जताई थी।
एफबीआई निदेशक ने इस सप्ताह की शुरुआत में संसद की कार्यवाही के दौरान कहा था कि वह अभी यह पता लगाने के लिए साक्ष्यों का विश्लेषण कर रहे हैं कि ट्रंप को गोली लगी थी, छर्रे लगे थे, कांच के टुकड़े लगे थे या कुछ और लगा था।
एफबीआई और ‘सीक्रेट सर्विस’ समेत जांच में शामिल कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया था कि ट्रंप किस वजह से घायल हुए थे। ट्रंप के प्रचार अभियान दल ने भी उस अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड जारी करने से इनकार कर दिया था, जहां पूर्व राष्ट्रपति का घायल होने के बाद इलाज किया गया था।
ट्रंप के स्वास्थ्य के संबंध में अब तक हर जानकारी या तो खुद ट्रंप से या फिर ‘व्हाइट हाउस’ में उनके पूर्व चिकित्सक रॉनी जैक्सन से मिली थी।
एफबीआई ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर इस बात की पुष्टि की कि गोलीबारी ‘‘पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या का प्रयास थी, जिसके परिणामस्वरूप वह घायल हुए और एक वीर पिता की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए।’’
ट्रंप (78) ने एफबीआई के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अपने समर्थकों से कहा कि उन्होंने एजेंसी की माफी स्वीकार कर ली है।
ट्रंप 13 जुलाई को पेनसिल्वेनिया में एक रैली में उस समय बाल-बाल बच गए, जब 20 वर्षीय एक हमलावर ने उन पर कई गोलियां चलाईं। इस हमले में वह जख्मी हो गए थे और उनके दाहिने कान के ऊपरी हिस्से पर चोट आई थी।
भाषा
सिम्मी पारुल
पारुल
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