(ललित के झा)
वाशिंगटन, 25 जुलाई (भाषा) अमेरिका के राष्ट्रपति जो. बाइडन ने कहा है राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ से हटने और डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से कमला हैरिस की उम्मीदवारी का समर्थन करने के उनके निर्णय का उद्देश्य राष्ट्र को एकजुट करना और ‘‘नयी पीढ़ी को बागडोर सौंपना’’ है।
बुधवार को टेलीविजन पर राष्ट्र के नाम एक भावुक संबोधन में बाइडन ने अमेरिकियों से कहा कि उन्होंने अमेरिकी लोकतंत्र को बचाने के लिए अपने 2024 के लड़खड़ाते चुनाव प्रचार अभियान को समाप्त करने का निर्णय लिया।
बाइडन ने ओवल ऑफिस (राष्ट्रपति कार्यालय) से अपने संबोधन में कहा, ‘‘मैंने निर्णय लिया कि आगे बढ़ने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि कमान नयी पीढ़ी को सौंपी जाए। यह हमारे देश को एकजुट करने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है। सार्वजनिक जीवन में लंबे अनुभव का भी एक वक्त और स्थान होता है तथा इसी के साथ नयी आवाज, युवा विचारों का भी एक वक्त और स्थान होता है, वह समय आ गया है।’’
बाइडन (81) ने कहा कि वह राष्ट्रपति कार्यालय का सम्मान करते हैं, लेकिन उन्हें अपने देश से ज्यादा प्यार है।
उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रपति के रूप में सेवा करना मेरे लिए गर्व की बात रहा है, लेकिन लोकतंत्र की रक्षा में, जो दांव पर है, मुझे लगता है कि यह किसी भी उपाधि से अधिक महत्वपूर्ण है।’’
पांच नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ से हटने के तीन दिन बाद बाइडन ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि राष्ट्रपति के रूप में मेरा रिकॉर्ड, विश्व में मेरा नेतृत्व, अमेरिका के भविष्य के लिए मेरा दृष्टिकोण, ये सभी दूसरे कार्यकाल की ओर ले जाते हैं।’’
बाइडन ने 11 मिनट के अपने संबोधन में कहा, ‘‘लेकिन हमारे लोकतंत्र को बचाने के रास्ते में कुछ भी नहीं आ सकता। इसमें व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा भी शामिल है, इसलिए मैंने तय किया है कि आगे बढ़ने का सबसे अच्छा तरीका नयी पीढ़ी को कमान सौंपना है।’’
उपराष्ट्रपति हैरिस के बारे में बाइडन ने कहा कि वह ‘‘अनुभवी हैं, मजबूत हैं, सक्षम हैं’’। उन्होंने हैरिस को एक ‘‘अच्छा साथी’’ बताया।
राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के तौर पर क्रमश: बाइडन और हैरिस का साढ़े तीन साल का साथ रहा है।
बाइडन ने कहा, ‘‘मैंने अपनी पसंद बता दी है। अपने विचार जाहिर कर दिए हैं… अब, चुनना आप पर, अमेरिकी लोगों पर निर्भर है।’’
हालांकि, बाइडन ने रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति के साथ एक स्पष्ट अंतर दर्शाने की कोशिश की, जिनकी महत्वाकांक्षा ने उन्हें (ट्रंप को) 2020 में एक ऐसे चुनाव में जीत का दावा करने के लिए प्रेरित किया जिसमें वे जीत नहीं पाए थे।
बाइडन ने कहा, ‘‘अमेरिका में सबसे अच्छी बात यह है कि यहां राजा और तानाशाह शासन नहीं करते। जनता का शासन है। इतिहास आपके हाथ में है, अमेरिका की अवधारणा आपके हाथ में है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने चार साल पहले राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ा था क्योंकि मेरा मानना था, और अब भी है, कि अमेरिका की साख दांव पर लगी है। हम कौन हैं, इसकी प्रकृति दांव पर लगी है। और आज भी यही स्थिति है।’’
बाइडन ने कहा, ‘‘मैंने यह स्पष्ट कर दिया कि मेरा मानना है कि अमेरिका एक निर्णायक मोड़ पर है। यह इतिहास के दुर्लभ क्षणों में से एक है, जब हम जो निर्णय लेंगे वे आने वाले दशकों के लिए हमारे देश और विश्व की नियति तय करेंगे।’’
भारतीय और अफ्रीकी मूल की हैरिस (59) अब डेमोक्रेटिक पार्टी से राष्ट्रपति पद की संभावित उम्मीदवार के रूप में उभरी हैं।
बाइडन के संबोधन के दौरान उनकी पत्नी एवं प्रथम महिला जिल बाइडन, बेटा हंटर बाइडन और उनके परिवार के कई सदस्य मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि वह इस सदी के पहले राष्ट्रपति हैं जिन्होंने अमेरिकी लोगों को बताया कि अमेरिका दुनिया में कहीं भी युद्ध में शामिल नहीं है।
बाइडन ने अपने संबोधन में कहा कि लोगों को अमेरिका के आगे बढ़ने या पीछे जाने के बीच, आशा और नफरत के बीच, एकता और विभाजन के बीच चयन करना है।
व्हाइट हाउस ने बुधवार को कहा था कि उनके स्वास्थ्य का (चुनाव की दौड़ से हटने संबंधी) उनके निर्णय से ‘‘कोई लेना-देना नहीं’’ है।
राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘जब मैं सत्ता में आया था, तो आम धारणा यह थी कि चीन निश्चित रूप से अमेरिका से आगे निकल जाएगा। अब ऐसा नहीं है। मैं गाजा में युद्ध को समाप्त करने, सभी बंधकों को वापस लाने और पश्चिम एशिया में शांति व सुरक्षा लाने तथा इस युद्ध को समाप्त करने के लिए काम करना जारी रखूंगा।’’
भाषा सुभाष नेत्रपाल
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