(गुरदीप सिंह)
सिंगापुर, 19 जुलाई (भाषा) सिंगापुर की एक अदालत ने भारतीय मूल के पूर्व मंत्री एस. ईश्वरन के इस अनुरोध को शुक्रवार को खारिज कर दिया कि उनके खिलाफ कथित भ्रष्टाचार से जुड़े मुकदमे में सभी गवाहों के बयान सौंपने के लिए अभियोजन पक्ष पर दबाव डाला जाए।
इस मामले की सुनवाई अगले महीने शुरू होने वाली है।
‘चैनल न्यूज एशिया’ की खबर के अनुसार, ईश्वरन पर 35 आरोप लगाए गए हैं, जिनमें सरकारी कर्मचारी के तौर पर मूल्यवान वस्तुएं प्राप्त करने के 32 मामले, भ्रष्टाचार के दो मामले और न्याय में बाधा डालने का एक मामला शामिल है।
समाचार चैनल ने कहा कि 62-वर्षीय पूर्व परिवहन मंत्री पर लगाए गए आरोपों से संबंधित मुकदमे की सुनवाई 13 अगस्त को उच्च न्यायालय में शुरू होगी।
न्यायमूर्ति विन्सेंट हुंग ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो बचाव पक्ष के इस तर्क का समर्थन करता हो कि अभियोजन पक्ष के लिए अपने गवाहों के सभी सशर्त बयानों या उन गवाहों के मसौदा बयानों का खुलासा करना आवश्यक है, जो सशर्त बयानों पर हस्ताक्षर नहीं करना चाहते हैं।
उन्होंने बचाव पक्ष के इस तर्क को भी खारिज कर दिया कि अभियोजन पक्ष की ओर से प्रक्रिया का दुरुपयोग या गंभीर अन्याय किया गया है।
भाषा सिम्मी सुरेश
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