पोर्ट लुईस (मॉरीशस), 16 जुलाई (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर भारत और मॉरीशस के बीच विशेष संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए ‘‘लाभकारी वार्ता’’ करने के मकसद से मंगलवार को दो दिवसीय यात्रा पर यहां पहुंचे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के तीसरे कार्यकाल में फिर से विदेश मंत्री नियुक्त किए जाने के बाद, जयशंकर हिंद महासागर के द्वीप राष्ट्र की इस यात्रा के दौरान पहली द्विपक्षीय बैठक करेंगे।
यह यात्रा भारत एवं मॉरीशस के संबंधों के महत्व को रेखांकित करती है और यह भारत की ‘पड़ोसी प्रथम की नीति’, ‘विजन सागर’ और ‘ग्लोबल साउथ’ (अल्प विकसित देशों) के प्रति प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करती है।
मॉरीशस के विदेश, क्षेत्रीय एकीकरण और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनीष गोबिन ने हवाई अड्डे पर जयशंकर का स्वागत किया।
जयशंकर ने तस्वीरें साझा करते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘नमस्ते मॉरीशस। गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए विदेश मंत्री मनीष गोबिन को धन्यवाद।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस विशेष संबंध को आगे बढ़ाने के लिए लाभकारी वार्ता होने की उम्मीद है।’’
जयशंकर इस यात्रा के दौरान मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ से मुलाकात करेंगे और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे।
विदेश मंत्रालय ने जयशंकर की यात्रा से पहले नयी दिल्ली में एक बयान जारी कर कहा था, ‘‘इस यात्रा के दौरान जयशंकर मॉरीशस के अन्य प्रमुख नेताओं के साथ भी बातचीत करेंगे। यह यात्रा दोनों पक्षों को द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं का व्यापक रूप से जायजा लेने का अवसर प्रदान करेगी।’’
उसने कहा था कि यह यात्रा बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने तथा लोगों के बीच घनिष्ठ संबंधों को गहरा करने के लिए दोनों देशों की निरंतर प्रतिबद्धता की भी पुष्टि करती है।
बयान में कहा गया था कि जयशंकर की इस यात्रा से पहले मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली नयी मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए भारत गए थे।
जयशंकर ने इससे पहले फरवरी, 2021 में मॉरीशस का दौरा किया था।
भाषा
सिम्मी मनीषा
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