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Tuesday, 27 January, 2026
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बंदूक नियंत्रण खत्म हो चुका है: दुनिया की सबसे लोकप्रिय 3डी प्रिंटेड आग्नेयास्त्र के निर्माता

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(राजन बसरा, वरिष्ठ अनुसंधान फेलो, इंटरनेशनल सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ रेडिकलाइजेशन, किंग्स कॉलेज लंदन)

लंदन, 30 जून (द कन्वरसेशन) प्रत्येक वर्ष ईस्टर रविवार को आयरिश रिपब्लिकन अपने शहीदों और 1916 के ईस्टर विद्रोह तथा उसके बाद के वर्षों में जान गंवाने वाले लोगों को याद करते हैं। इस तरह के आयोजनों की एक पद्धति होती है: सड़क पर परेड, भाषण और कब्रिस्तान में पुष्पांजलि अर्पित करना।

हालांकि, 2022 का कार्यक्रम काले कपड़े पहने चार पुरुषों की उपस्थिति के कारण असामान्य था। वे रिपब्लिकन अर्द्धसैनिक के असंतुष्ट समूह ओग्लाइग ना इरेन (ओएनएच) के सदस्य थे।

जनवरी 2018 में संघर्ष विराम की घोषणा के बाद से यह समूह की पहली सार्वजनिक उपस्थिति थी, लेकिन विशेषज्ञों के लिए भी इसका व्यापक महत्व था क्योंकि इनमें से दो व्यक्ति हथियार लेकर आए थे। ऐसा पहली बार हुआ, जब उत्तरी आयरलैंड में अर्द्धसैनिक बल के सदस्यों को 3डी-प्रिंटेड बंदूकों- विशेष रूप से, ‘एफजीसी’ अर्ध-स्वचालित आग्नेयास्त्र के प्वाइंट 22 कैलिबर प्रारूप के साथ देखा गया था।

‘एफजीसी’ का मतलब ‘‘बंदूक नियंत्रण नहीं’’ से है और यह संक्षिप्त नाम इसके डिजाइनर के वैचारिक झुकाव को और 3डी-प्रिंटेड हथियारों के विकास में शामिल कई अन्य लोगों को भी दर्शाता है।

पहला 3डी-प्रिंटेड आग्नेयास्त्र मई 2013 में ‘लिबरेटर’ के रूप में आया, जो कि टेक्सास विश्वविद्यालय के विधि छात्र एवं स्वतंत्रता समर्थक आग्नेयास्त्र कार्यकर्ता कोडी विल्सन द्वारा निर्मित एक बंदूक थी।

वर्ष 2020 के वसंत तक एफजीसी-9 के उभरने के साथ 3डी-प्रिंटेड बंदूकों का खतरा काफी बढ़ गया था।

‘ओपन-सोर्स डिजाइन’- जिसे कई समान विचारधारा वाले चैटरूम में तत्काल साझा किया गया था – के साथ एक सावधानीपूर्वक, चरणबद्ध निर्देशात्मक मार्गदर्शिका थी। बंदूक के निर्माता ने लिखा कि यह सब बंदूक के स्वामित्व पर नियमों और अत्याचारी कानूनों को दूर करने के लिए था। बाद में, उनके समूह ने नौ मिलीमीटर का देसी गोला-बारूद बनाने के लिए एक दिशानिर्देश जारी किया।

तब से, हमने दुनिया भर में आग्नेयास्त्र के उपयोग के सबूत देखे हैं। इस 3डी-प्रिंटेड आग्नेयास्त्र को लेकर ऑनलाइन पर काफी चर्चा देखी जाती है और इसे इसके शौकीन लोगों, संगठित अपराधियों, विद्रोहियों और आतंकवादियों द्वारा व्यापक रूप से अपनाया गया है।

एफजीसी-9 के जारी होने के बाद से 3डी-प्रिंटेड बंदूकों का प्रचलन पूरे विश्व में बढ़ गया है। यूरोप में संगठित अपराधियों से लेकर म्यांमा में सैन्य शासन विरोधी विद्रोहियों तक में इसका प्रचलन बढ़ा है।

मई 2022 में, पुलिस ने ब्रिटेन के ब्रैडफोर्ड में जब एक कार को रोका तो एक व्यक्ति एफजीसी-9 ले जाता पाया गया। पता चला कि वह अपने दो साथियों के संग कालाबाजार में 3डी-प्रिंटेड बंदूकें बेच रहा था। वर्ष 2023 में, ये तीनों ब्रिटेन में ऐसे पहले व्यक्ति बन गए जिन्हें अन्य आपराधिक समूहों को 3डी-प्रिंटेड आग्नेयास्त्रों की आपूर्ति करने का दोषी ठहराया गया। उन्हें कुल 37 साल जेल की सजा सुनाई गई।

किंग्स कॉलेज लंदन में कट्टरपंथ के अध्ययन के लिए अंतरराष्ट्रीय केंद्र में एक शोधार्थी के रूप में, मैं दुनिया भर में 3डी प्रिंटेड बंदूकों के उत्पादन और इस्तेमाल से जुड़े कई अन्य मामलों पर नजर रख रहा हूं।

(द कन्वरशेसन) सुभाष खारी

खारी

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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