गोड्डा, 18 अप्रैल (भाषा) झारखंड के गोड्डा जिले में जबरन वसूली के एक आरोपी की धरपकड़ के अभियान के दौरान पुलिस की कथित गोलीबारी में आदिम जनजाति समूह (पीवीटीजी) का 30 वर्षीय एक व्यक्ति मारा गया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आरोपी सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) को गिरफ्तार कर लिया गया है और सुंदर पहाड़ी थाने में उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस ने एक बयान में बताया कि कथित लापरवाही के लिए पुलिस थाना प्रभारी को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
मृतक के परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि पुलिस की गोली लगने से उसकी जान गयी। उन्होंने मांग की जिस पुलिसकर्मी ने उसपर गोली चलायी , उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
गोड्डा के पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा ने बताया कि इस घटना की जांच तथा जरूरी कानूनी कार्रवाई करने के लिए विशेष जांच टीम गठित की गई है।
उन्होंने कहा कि मृतक की पहचान बाबा डांगा पारा के निवासी हरि नारायण पहाड़िया के रूप में हुई है। बाबा डांगा पारा झारखंड की राजधानी रांची से करीब 350 किलोमीटर दूर है।
पुलिस ने बयान में कहा, ‘‘ छापे के दौरान पुलिस ने घर से एक व्यक्ति को भागते हुए देखा। सहायक उपनिरीक्षक राजनाथ यादव ने उसे रूकने का आदेश दिया लेकिन उसने भागने की कोशिश की। उसे पकड़ने के क्रम में गोलियां चलीं तथा उस व्यक्ति (हरि नारायण) के बांये कंधे में गोली लग गयी।’’
बयान के मुताबिक, इस घायल व्यक्ति को सुंदर पहाड़ी के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया।
इस बीच, हरि नारायण के भाई कामदेव पहाड़िया (24) ने पुलिस के इस आरोप का खंडन किया कि वह घर से भाग रहा था।
कामदेव ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘यह घटना नदी के तट पर हुई जहां मेरा भाई शौच कर रहा था। मेरे भाई को जान-बूझकर गोली मारी गयी लेकिन हमें इसकी वजह का पता नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि उनका परिवार उस पुलिसकर्मी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएगा जिसने उनके भाई पर गोली चलायी।
कामदेव ने कहा, ‘‘ मेरा भाई किसान था…..उसकी दो बेटियां और एक बेटा है। वह परिवार में एकमात्र कमाने वाला था। अब उसकी पत्नी एवं बच्चों की देखभाल कौन करेगा?’’
भाषा धीरज माधव
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