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Friday, 29 August, 2025
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मेरे जीवन का परम लक्ष्य पूरा हो रहा: परमानंद गिरि महाराज

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(अरुणव सिन्हा)

अयोध्या (उप्र), 20 जनवरी (भाषा) राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे 90 वर्षीय संत युगपुरुष परमानंद गिरि महाराज ने श्रीरामलला की मूर्ति की ‘प्राण प्रतिष्ठा’ को लेकर कहा कि उनके जीवन का परम लक्ष्य अंततः पूरा होने जा रहा है।

परमानंद गिरि महाराज 1989 में ‘शिलापूजन’, 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस और इस मंदिर मस्जिद विवाद पर उच्चतम न्यायालय के फैसले के साक्षी रहे हैं।

उनके लिए 22 जनवरी को होने जा रहा ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह एक जीवनकाल के संघर्ष का आदर्श समापन है।

उन्होंने हरिद्वार से ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘मैं अपनी भावनाओं को शब्दों में कैसे व्यक्त करूं। मैं राम मंदिर आंदोलन के पहले दिन से, शिला पूजन से संबंधित बैठकें आयोजित करने से लेकर आज तक जुड़ा हुआ हूं।’’

अयोध्या में 22 जनवरी को आयोजित होने वाले ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह में संतों और प्रमुख हस्तियों सहित हजारों लोग के शामिल होने की उम्मीद है।

राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल रहे गिरि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के सदस्य भी हैं। राम मंदिर के निर्माण और प्रबंधन का प्रभार इसी न्यास के पास है।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरे जीवन का परम लक्ष्य आज पूरा हो रहा है। आज मैं 90 वर्ष का हूं और जब मैंने वैराग्य लिया था, उस समय मेरी आयु करीब 20 वर्ष थी।’’

संत ने कहा कि भगवान राम का निवास क्षेत्र अंततः टाट से ठाठ में परिवर्तित हो रहा है। भक्तों, संगठनों और नेताओं की इसमें भूमिका रही है और इनमें से प्रत्येक का अपना महत्व है।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरा भी यह मानना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व के बगैर यह उपलब्धि हासिल नहीं होती।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ अगर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का उल्लेखनीय समर्थन नहीं मिलता तो कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता। यदि इस समय केंद्र में मोदी और राज्य में योगी की सरकार नहीं होती तो कई कार्यों को करने में मुश्किलें आतीं। अब नगर निगम और बाकी लोग मंदिर निर्माण में सहयोग कर रहे हैं। ‘‘ट्रिपल इंजन’’ की सरकार के चलते कार्य में तेजी आई है।’’

हरिद्वार स्थित संत ने यह भी कहा कि एक समय था कि विभिन्न संप्रदाय के संत एक जगह नहीं बैठते थे, लेकिन भगवान राम ने ऐसी स्थिति का निर्माण किया है जहां हम सभी एक साथ बैठने लगे हैं। यह भगवान की कृपा है जो हमें हर किसी के साथ जोड़ रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘अयोध्या तेजी से बदल रहा है। सड़कें चौड़ी की जा रही हैं और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है।’’

प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर भक्तों को सलाह देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘यह दुनियाभर के हिंदुओं के लिए अहम है। किसी भी न्याय प्रिय समाज के लिए चाहे वह किसी भी धर्म का हो, यह न्याय की जीत है। इसलिए यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है।’’

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का पहला चरण पूरा होने के करीब है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 22 जनवरी को रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होंगे।

भाषा अरुणव राजेंद्र खारी

खारी

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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