… अमित कुमार दास…
नयी दिल्ली, छह जनवरी (भाषा) युवा बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन को उम्मीद है कि पिछले सत्र के खत्म होने के बाद अपने खेल की विविधताओं पर की गयी मेहनत कारगर होगी और वह ओलंपिक (पेरिस 2024) क्वालिफिकेशन हासिल करने में सफल रहेंगे। अल्मोड़ा का 22 वर्षीय खिलाड़ी ओलंपिक खेलों की क्वालिफिकेशन रैंकिंग में 17वें स्थान पर है। पेरिस खेलों में जगह बनाने के लिए उन्हें अप्रैल के अंत तक शीर्ष 16 में रहना होगा। सेन ने कुआलालंपुर के लिए रवाना होने से पहले रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को दिये साक्षात्कार में कहा, ‘‘ओलंपिक में स्थान सुरक्षित करने के लिए मुझे अच्छे परिणाम प्राप्त करने के लिए थोड़ी अधिक मेहनत करनी होगी और एक बार ऐसा हो जाने के बाद क्वालिफिकेशन कोई समस्या नहीं होगी। उन्होंने कहा, ‘‘ मेरे लिए अभी मुख्य चिंता अप्रैल तक अगले कुछ महीनों में टूर्नामेंट में आखिरी चरणों तक पहुंचने की है। उसके बाद रैंकिंग की बारी आएगी। अभी मैं क्वालीफिकेशन रैंकिंग में सहज स्थिति में नहीं हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपनी रैंकिंग में सुधार करना चाहूंगा और क्वालिफिकेशन के अंत तक शीर्ष-10 में रहना पसंद करूंगा।’’ राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन सेन ने जुलाई में कनाडा ओपन सुपर 500 खिताब अपने नाम किया था। इसके अलावा वह पिछले सत्र में तीन टूर्नामेंट (थाईलैंड ओपन सुपर 500, यूएस ओपन सुपर 300 और जापान ओपन सुपर 750) के सेमीफाइनल में जगह बनाने में सफल रहे थे। वह इस दौरान 11 टूर्नामेंट में पहले दौर से ही बाहर हो गये। इसमें दिसंबर में सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप लगातार सातवां मौका था जब वह शुरुआती दौर में ही टूर्नामेंट से बाहर हो गये। प्रदर्शन में उतार-चढाव के बीच विश्व रैंकिंग में छठे स्थान पर काबिज इस खिलाड़ी के अपने उत्साह को कम नहीं होने दिया है। वह नए सत्र में अपनी लय वापस पाने के लिए पिछले कुछ सप्ताह के दौरान ‘ खेल में विविधता’ पर काम कर किया है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर रहा था, मैं हर मुकाबले में टक्कर देने की कोशिश कर रहा था लेकिन किसी तरह मुझे वह लय नहीं मिल पाई। मैं वास्तव में सिर्फ एक पहलू के बारे में नहीं सोच कर सकता। मेरा मतलब है, शारीरिक पहलू एक होगा लेकिन कोर्ट पर कुछ अन्य चीजें भी है जिसे ठीक करना होगा।’’ लक्ष्य ने कहा, ‘‘मैंने 2023 में बहुत सारे टूर्नामेंट खेले, मुझे अच्छी तैयारी करने या फिटनेस पर कड़ी मेहनत करने का समय नहीं मिला। पिछले छह हफ्तों में मुझे प्रशिक्षण के लिए समय मिला। इसलिए मेरे फिटनेस स्तर में सुधार हुआ है, पिछले कुछ सप्ताह से मैं इस पर ध्यान लगा रहा हूं ताकि कोर्ट पर मेरे खेल की गति बढ़ सके।’’ लक्ष्य के लिए अगले तीन सप्ताह महत्वपूर्ण होंगे क्योंकि वह मलेशिया ओपन सुपर 1000, इंडिया ओपन सुपर 750 और इंडोनेशिया ओपन सुपर 500 में प्रतिस्पर्धा करेंगे। भाषा आनन्द नमितानमिता
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
