नई दिल्ली: इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने मंगलवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी टेलीफोन पर बातचीत का विवरण साझा करते हुए कहा कि, “नेतन्याहू ने उन्हें 7 अक्टूबर के आतंकवादी हमलों के बाद हमास के खिलाफ चल रहे जवाबी हमले और कई नेताओं के साथ उनकी बातचीत के बारे में जानकारी दी.”
इज़रायल प्रधानमंत्री के कार्यालय ने अपने आधिकारिक हैंडल से एक्स करते हुए कहा कि, “प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया कि इज़रायल पर क्रूर और घृणित हत्यारों द्वारा हमला किया गया था. वे दृढ़ संकल्पित और एकजुट होकर युद्ध के लिए गए थे और तब तक नहीं रुकेंगे जब तक हमास की सैन्य और शासन क्षमताओं को नष्ट नहीं कर देते.”
इस पोस्ट में आगे कहा गया कि, “पीएम नेतन्याहू ने रूसी राष्ट्रपति से कहा कि इजरायली सेना तब तक पीछे नहीं हटेगी जब तक वे “हमास को खत्म नहीं कर देते”.
रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार, टेलीफोन पर बातचीत के दौरान पुतिन ने गाजा पट्टी में खून खराबा को बढ़ने से रोकने के लिए रूस द्वारा उठाए जा रहे उपायों पर प्रकाश डाला.
इसमें कहा गया, “राष्ट्रपति पुतिन ने गाजा पट्टी में हिंसा को और बढ़ने से रोकने के लिए रूस द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी.”
द मॉस्को टाइम्स के अनुसार, क्रेमलिन ने कहा, रूसी राष्ट्रपति ने “मृत इजरायलियों के परिवारों और दोस्तों के प्रति अपनी गंभीर संवेदना” भी व्यक्त की.
इसके साथ ही, उन्होंने इजरायली नेता को “स्थिति को सामान्य बनाने, हिंसा को और बढ़ने से रोकने और गाजा पट्टी में मानवीय तबाही को रोकने के लिए” रूस द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी.
द मॉस्को टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार के एक बयान में रूसी राष्ट्रपति ने नेतन्याहू को अपने देश की “संकट को समाप्त करने और राजनीतिक और राजनयिक माध्यमों से शांतिपूर्ण समाधान प्राप्त करने के उद्देश्य से अपनी लक्षित कार्रवाई जारी रखने की मौलिक इच्छा” व्यक्त की.
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