कुआलालंपुर, 12 अक्टूबर (भाषा) मर्डेका टूर्नामेंट में पहले खिताब की तलाश में जुटी आत्मविश्वास से भरी भारतीय पुरुष फुटबॉल टीम शुक्रवार को यहां होने वाले पहले मैच में फॉर्म में चल रहे मेजबान मलेशिया को हैरान करने के इरादे से उतरेगी।
‘मिनी एशिया कप’ के नाम से पहचाने जाने वाले मर्डेका टूर्नामेंट में इस साल सिर्फ तीन टीम हिस्सा ले रही हैं। ताजिकिस्तान टूर्नामेंट की तीसरी टीम है जबकि हिंसाग्रस्त फलस्तीन अंतिम समय में प्रतियोगिता से हट गया।
भारत और मलेशिया के बीच होने वाले मुकाबले का विजेता 17 अक्टूबर को फाइनल में ताजिकिस्तान से भिड़ेगा।
भारतीय टीम हाल में एशियाई खेलों में खेली थी जहां उसे प्री क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। लगभग एक दशक बाद हो रहे मर्डेका कप में इगोर स्टिमक के मार्गदर्शन में खेलने वाली भारतीय टीम के मलेशिया को कड़ी टक्कर देने की उम्मीद है।
मलेशिया ने इस साल नौ मैच में छह जीत दर्ज जबकि एक में उसे हार का सामना करना पड़ा और दो ड्रॉ रहे जो उसकी फॉर्म को दर्शाता है।
भारतीय कोच स्टिमक ने कहा कि उनकी टीम मलेशिया के खिलाफ नॉकआउट मुकाबले से पहले चुनौती के लिए तैयार है।
स्टिमक ने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ की विज्ञप्ति में कहा, ‘‘हमें पिछले कुछ महीनों में मलेशिया के अच्छे प्रदर्शन की जानकारी है। उनके पास अच्छा कोच और कुछ शानदार खिलाड़ी हैं। इस समय टीम में काफी स्थिरता है।’’
भारतीय कोच ने स्वीकार किया कि यहां बुकित जलील स्टेडियम में 90 हजार प्रशंसकों के समर्थन का मलेशिया को फायदा मिलेगा लेकिन साथ ही कहा कि उनकी टीम इसके लिए तैयार है।
भारत ने मर्डेका टूर्नामेंट में 17 बार हिस्सा लिया है और उसे अब भी खिताब का इंतजार है। यह टूर्नामेंट हालांकि भारत के लिए भविष्य की बड़ी चुनौतियों की तैयारी का मौका हो सकता है।
भारत अगले महीने फीफा विश्व कप क्वालीफायर में कुवैत और कतर से भिड़ेगा और स्टिमक ने कहा कि उनकी नजरें इन मुकाबलों पर भी रहेंगी।
भारत मर्डेका टूर्नामेंट में दो बार उप विजेता है। टीम पिछली बार 2001 में इस टूर्नामेंट में खेली थी और उसे मेजबान मलेशिया (1-2), थाईलैंड (0-2) और उज्बेकिस्तान (1-2) के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था।
भाषा सुधीर पंत
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